यूपी में शिक्षक के लिए स्नातक में जरूरी नहीं 50 प्रतिशत अंक, सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटीई को दिए निर्देश

यूपी में शिक्षक के लिए स्नातक में जरूरी नहीं 50 प्रतिशत अंक, सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटीई को दिए निर्देश

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 11 2018 12:45:36 PM (IST) | Updated: Sep, 11 2018 01:16:01 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

उत्तर प्रदेश प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। अब प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए अभ्यर्थियों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी तक प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए अभ्यर्थियों के स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। स्नातक की डिग्री में 50 प्रतिशत अंक वालों को प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने का मौका मिल सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटीई को दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) को आदेश दिए हैं कि वह एक महीने के अंदर नई अधिसूचना जारी करें, जिसमें बीएड कोर्स के लिए स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता समाप्त की जाए। कोर्ट ने यूपी के उन अभ्यर्थियों से कहा कि अंक प्रतिशत की अनिवार्यता के कारण नौकरी से हटा दिए गए लोग प्रशासन के समक्ष अपना केस रखें। यह फैसला भले ही यूपी के संदर्भ में आया है, लेकिन इसका फायदा पूरे देश के युवाओं को मिलेगा, क्योंकि यह फैसला पूरे देश के लिए हुआ है।

अभ्यर्थयों 50 प्रतिशत से कम अंक वालों को भी मिलोगा मौका

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता के खत्म होने से स्नातक पास अभ्यर्थियों में एक खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। अभ्यर्थियों स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता से मुक्ति जो मिल गई है। उनका कहना है कि अब उनको अब प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने में थोड़ी सी आसानी भी मिल सकेगी और प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने का मौका भी मिल पाएगा।

अभ्यर्थियों की परेशानियां हुई दूर

उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए स्नातक की डिग्री में पहले न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक की जरूरत पड़ती थी। इसके बाद नियम आया कि स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य है लोकिन अब स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया है। जिससे अभ्यर्थियों की कुछ परेशानियां दूर हो गई हैं।

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