प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों को नए साल का तोहफा, अब मिलेगा पीएफ, हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों को नियमित पीएफ मिलने का रास्ता जल्द साफ हो सकता है...

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को नियमित पीएफ मिलने का रास्ता जल्द साफ हो सकता है। हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ (Allahabad High Court) ने सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक को सभी शिक्षामित्रों (Shikshamitra) का डेटा एक महीने के अंदर पीएफ विभाग को देने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने डेटा मिलने के बाद विभाग को 8 हफ्ते में मामला निस्तारित करने को कहा है। इसके अलावा लखनऊ के पीएफ विभाग को पूरा मामला देखने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों को पीएफ मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

शिक्षामित्रों को नहीं मिल रहा था पीएफ

पीएफ विभाग (Shiksha Mitra PF) के सूत्रों की मानें तो शिक्षामित्रों पर अब पीएफ विभाग के नियम एक अप्रैल 2015 से प्रभावी हो चुके हैं, लेकिन पूरे प्रदेश के किसी भी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पीएफ आदि का भुगतान शिक्षामित्रों (Shikshamitra PF) को नहीं किया जा रहा था। जिसपर शिक्षामित्रों की शिकायत के बाद विभाग की ओर से बीते एक साल से 7ए की कार्रवाई की जा रही है। अगर अकेले कानपुर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन कार्यालय की बात करें तो उसके अधीन 15 जिले संचालित आते हैं। इन जिलों में तैनात बीएसए के खिलाफ विभाग ने शिक्षामित्रों के पीएफ न जमा करने पर कार्रवाई शुरू कर दी।

बीएसए के खाते कर लिये गए थे अटैच

आपको बता दें कि कुछ समय पहले कानपुर नगर, कानपुर देहात, ललितपुर और महोबा जिले के बीएसए के खाते विभाग ने अटैच कर लिए थे। जिसमें कानपुर नगर के 3300 शिक्षामित्रों की देनदारी 8 करोड़ 53 लाख, कानपुर देहात के 2650 शिक्षामित्राें की देनदारी 7 करोड़ 77 लाख, ललितपुर के 2300 शिक्षामित्रों की देनदारी 7 करोड़ 21 लाख और महोबा के 1600 शिक्षामित्रों की देनदारी 4 करोड़ 48 लाख रुपये निकली थी। इसके अलावा जिला लोक शिक्षा कल्याण समिति के 1150 प्रेरकों की 1 करोड़ 96 लाख की देनदारी निकाली गई थी।

जल्द मिलेगा पीएफ

सूत्रों के मुताबिक इसको लेकर कानपुर नगर के बीएसए की ओर से एक याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। जिसमें कहा गया कि उनके खाते अटैच करना गलत है और स्टे दे दिया गया था। उनका खाता अटैच नहीं है और वह इसका संचालन भी कर रहे हैं। वहीं एक अन्य मामले में लखनऊ खंडपीठ ने 17-25 नवंबर तक सुनवाई की। इसके बाद सर्व शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निर्देश दिए कि कानपुर समेत सभी शिक्षामित्रों के डेटा एक महीने में पीएफ विभाग को उपलब्ध कराए जाएं। हाईकोर्ट ने डेटा मिलने के बाद विभाग को 8 हफ्ते में मामला निस्तारित करने को कहा है। इसके अलावा लखनऊ के पीएफ विभाग को पूरा मामला देखने के निर्देश दिए हैं।

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned