अफसरों और कर्मचारियों में नहीं बनी बात, कर्मचारियों ने कर दिया हड़ताल का ऐलान

Laxmi Sharma

Publish: May, 18 2018 02:57:31 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
अफसरों और कर्मचारियों में नहीं बनी बात, कर्मचारियों ने कर दिया हड़ताल का ऐलान

सात व आठ जून को हड़ताल प्रस्तावित है।

लखनऊ. कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की 7 और 8 जून को हड़ताल की चेतावनी के बाद अफसरों और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई बैठक में कई तरह के आश्वासनों के बाद भी हड़ताल का कार्यक्रम टला नहीं है। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक ने कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंण्डल को बातचीत के लिए बुलाया था जिसमें प्रमुख सचिव परिवहन, सचिव माध्यमिक शिक्षा एवं विशेष सचिव स्तर के विभागीय अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मोर्चा की ओर से अध्यक्ष वीपी मिश्र, संयोजक सतीश कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि मिश्रा, अतुल मिश्रा, सुरेंद्र कुमार रावत, राम राज दुबे, सुशील त्रिपाठी, डॉ केके सचान, अशोक कुमार, मनोज कुमार मिश्र, घनश्याम यादव, एसएएच जैदी, भरत यादव, सुशील कुमार बच्चा, गिरीश कुमार मिश्र, कैशर रजा, सुनील यादव और डॉ पीके सिंह उपस्थित रहे।

निर्णयों को लागू कराने की मांग

अध्यक्ष वीपी मिश्र ने अपर मुख्य सचिव से मांग की कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता मे दिनांक 19 सितम्बर 2016 को सम्पन्न हुई बैठक में लिए गये निर्णयों का तत्काल कार्यान्वयन किया जाय क्योंकि कर्मचारियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, जिससे कर्मचारी नाराज है। प्रदेश मे धरना-प्रदर्शन करने के बाद हर जनपद में मोटर साइकिल रैली निकाली जा रही है। मांगो के पूरा न होने पर सात व आठ जून को हड़ताल प्रस्तावित है।

मुख्य सचिव के लौटने पर होगा फैसला

अपर मुख्य सचिव कार्मिक दीपक त्रीवेदी ने शासन के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मांगो पर सकारात्मक निर्णय कराने मे विलम्ब न करें तथा सभी मांगो पर हर हालात मे एक माह मे क्रियान्वयन करके अवगत कराये। कैशलेस इलाज को एक जुलाई से लागू करने का निर्देश या दिया। सातवे वेतन समिति की संस्तुतियों को एक माह में मंत्रिपरिषद से अनुमोदन कराके शासनादेश जारी करने का प्रयास कराया जाये तथा सातवें वेतन समिति के एरियर एवं भत्ते का भुगतान इसी माह कराने का प्रयास किया जाये। स्थानीय निकाय कर्मचारियों का ढांचा पुनर्गठन करके राज्य कर्मचारियों की भांति वेतन व भत्ते दिये जाने के प्रकरण तथा निकाले गये संविदा कर्मियों के प्रकरण पर उन्होने कहा कि इस प्रकरण पर प्रमुख सचिव नगर विकास एवं मुख्य सचिव के साथ बैठक करके जल्द निर्णय कराया जायेगा। विकास प्राधिकरण के कर्मियों को दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर सेवा निवृत्ति लाभ देने पर प्रमुख सचिव आवास से बात करके निर्णय करायेगें। चतुर्थ श्रेणी की भर्ती खोलने, विनियमित कर्मचारियों को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ देने, पुरानी पेंशन की बहाली, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 300 दिन का अवकाश नकदीकरण देने, सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने सहित कई अन्य मांग भी बैठक में रखी गई। कर्मचारी नेताओं को आश्वासन दिया गया कि मुख्य सचिव के विदेश से लौटने पर सारी समस्याएं और प्रस्ताव उनके सामने रखे जायेंगे। कर्मचारियों नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किये जाने की स्थिति में प्रस्तावित हड़ताल वापस नहीं लिया जाएगा।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned