इस जिलाधिकारी ने जो किया वह जानकर आपकी आंखे हो जाएंगी नम, पेश की इतनी बड़ी मिसाल

इस जिलाधिकारी ने जो किया वह जानकर आपकी आंखे हो जाएंगी नम, पेश की इतनी बड़ी मिसाल

Abhishek Gupta | Publish: Sep, 16 2018 05:45:27 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 05:45:28 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

फैजाबाद के जिलाधिकारी इन दिनों समाज में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।

लखनऊ. फैजाबाद के जिलाधिकारी इन दिनों समाज में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। जिलाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए डॉ अनिल कुमार पाठक ने ड्यूटी पर रहते हुए मानवीय दृष्टि से एक वृद्ध महिला का इलाज कराने व उसके निधन पर उसकी चिता को मुखाग्नि देने की जिम्मेदारी भी निभाई। यहीं नहीं उन्होंने अस्थियों का विसर्जन कर 13 दिन के क्रियाकर्म भी किए और फिर मृतका की आत्मा की शांति के लिए अयोध्या के एक वृद्धाश्रम में 51 वृद्धों को भोजन भी कराया।

बताते चलें कि जिलाधिकारी फैजाबाद डॉ अनिल कुमार पाठक ने सड़क के किनारे घायल अवस्था में पड़ी एक वृद्ध महिला को लाकर अस्पताल में भर्ती कराया था और उसका उच्च स्तर का इलाज भी कराया, लेकिन इलाज के दौरान ही वृद्ध महिला की मृत्यु हो गई| इससे पूर्व भी जिलाधिकारी का यह कदम चर्चा का केंद्र बना हुआ था और रोजाना जिलाधिकारी वृद्ध महिला का हाल-चाल भी लेते रहे थे, लेकिन महिला के निधन के बाद जिस तरह से जिलाधिकारी ने लावारिस महिला के शव को मुखाग्नि दी, उसे देखकर हर किसी ने उनकी तारीफ की।

 

Faizabad DM
Faizabad DM IMAGE CREDIT: Net

51 वृद्ध महिलाओं व पुरुषों को कराया भोजन-

अब एक बेटे का फर्ज निभाते हुए जिलाधिकारी फैजाबाद ने अपनी मुंह बोली मां की अंस्तियों के विसर्जन के साथ 13 दिन के कर्मकांड का निर्णय लिया और तेरहवें दिन ब्राह्मणों को भोज कराया। साथ ही मृतकी की आत्मा की शांति के लिए उन्होंने वृद्धा आश्रम में 51 वृद्ध महिलाओं व पुरुषों को भोजन भी कराया। मां-बेटे के रिश्ते को निभाने में फैजाबाद के जिलाधिकारी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जाहिर तौर पर इस IAS अधिकारी का यह कदम समाज के हर वर्ग हर लोगों के लिए एक बड़ा सबक है|

सिर्फ अपने कर्तव्य का किया पालन- डीएम

जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि सड़क पर अचेता अवस्था में यह वृद्धा थी। उसके शरीर पर मात्र कुछ कपड़े थे, लेकिन किसी ने उस पर दया नहीं दिखाई व एक गमछा तक नहीं डाला। जब कि उस रास्ते पर न जाने कितने लोग आये गए होंगे। इस हालत में देखने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया व इलाज भी करवाया गया। लेकिन इस दौरान उनका स्वर्गवास हो गया। हमने अपने सिर्फ कर्तव्यों का पालन किया है।

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Faizabad DM IMAGE CREDIT: Patrika
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