आफत बन रहा बाढ़ का पानी, कहीं गिरे जर्जर मकान तो कहीं फसल बर्बाद से किसान परेशान

आफत बन रहा बाढ़ का पानी, कहीं गिरे जर्जर मकान तो कहीं फसल बर्बाद से किसान परेशान

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 05 2018 01:10:58 PM (IST) | Updated: Sep, 05 2018 01:35:34 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी में बारिश लोगों के लिए आफत बन गयी है

लखनऊ. यूपी में बारिश लोगों के लिए आफत बन गयी है। राजधानी लखनऊ में लगातार दो तीन दिन से बारिश हो रही है। यूपी के तमाम जिले बारिश से प्रभावित हैं। भारी बारिश के कारण कई-कई जगहों पर कच्चे व जर्जर मकान गिर गए हैं। तो वहीं बारिश से हो रहे हादसे भी थमने का नाम नहीं ले रहे। इसी के साथ कई स्थानों पर गंगा नदी खतरे के निशान पर है। आलम ये है कि पीड़ितों को नाव के जरिये बाढ़ राहत स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

कानपुर, उन्नाव, कानपुर देहात, फतेहपुर , इटावा और औरैया में कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हैं। इनमें सबसे ज्यादा कानपुर क्षेत्र प्रभावित है जहां जलस्तर बढ़ने से 35 गांव प्रभावित हुए हैं।

कहां हुई कितनी बारिश

यूपी में तबाही की बारिश से 18 लोगों की मौत हो गयी। गोण्डा और कुशीनगर में तीन-तीन, बिजनौर और मिर्जापुर में दो-दो, बहराइच, सीतापुर, मेरठ, उन्नाव, औरैया, सुल्तानपुर जौनपुर और एटा में एक-एक व्यक्ति की जान गयी है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार यूपी में बारिश अगले 2-3 दिन तक होगी। बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 10 सेंटीमीटर बिजनौर में हुई है। बीकापुर और गौतमबुद्ध नगर में 9-9 सेंटीमीटर, सुल्तानपुर, उन्नाव और अयोध्या में 8-8 सेंटीमीटर व मेरठ और संभल में 7-7 सेंटीमीटर बारिश रिकार्ड की गयी है।

ललितपुर स्थित तालबेहट तहसील गांव में अचानक आई बाढ़ का पानी वहां के लोगों के लिए मुसीबत बन गया जिससे कि लोग फंसे रहे। इसके लिए ग्रामीणों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर व रेस्क्यू ऑपरेशन टीम भेजी गयी। वहीं बेतवा नदी के तटवर्ती ग्राम वर्मा बिहार के आसपास के क्षेत्रों में भी अचानक पानी भर गया जहां नाव के जरिए ग्रामीणों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने का प्रयास किया गया। ऐसी ही थाना बालाबेहट के पास सोंर नदी का पुल पार करते समय बाढ़ के पानी में एक बस बहकर नदी में गिर गई। फतेहपुर में घर गिरने से पांच लोगों की मलबे में दब कर मौत हो गयी। उरई में कच्चे घर की दीवार ढहने से मलबे में दबकर एक बच्ची की मौत हो गयी। औरैया में बारिश से दीवार के गीली होने से दो मकानों में करंट की चपेट में आकर तीन लोग की मौत हो गयी।

नदियां उफान पर

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश के चलते अधिकतर नदियां उफनाई हुई हैं। लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा का जलस्तर 1 मीटर 80 सेमी ऊपर है तो वहीं घाघरा अयोध्या में खतरे के निशान से 40 सेमी, बाराबंकी के एल्गिनब्रिज पर 66 सेमी ऊपर बह रही है।

बाढ़ के पानी से वाहनों का आवागमन प्रभावित

फर्रूखाबाद में बदायूं मार्ग पर बाढ़ का पानी बहने से छोटे वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ है। खुद को सुरक्षित करने के लिए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रौली या किसी अन्य ऊंचे स्थान पर बसेरा बनाया। गंगा व रामगंगा की बाढ़ के पानी से तटवर्ती गांव की अधिकांश भूमि जलमग्न हो गई है और खेत में खड़ी फसलें कई दिनों से बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं। जिससे फसलें खराब हो गई हैं।

बाढ़ से फसल बर्बाद

बाढ़ का पानी किसानों के लिए भी आफत बना हुआ है क्योंकि इससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही है। बाढ़ का कहर बढ़ने से ग्रामीण परेशान है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान उनकी फसलों को हुआ है। हजारों बीघा मक्का बाजरा की फसलें सड़कर नष्ट हो गयी हैं।

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