न्यूयॉर्क की तकनीक पर पहल, यूवी किरणों से सैनिटाइज होगी लखनऊ मेट्रो, सुरक्षित सफर की मिलेगी गारंटी

- 30 मिनट में साफ हो रही लखनऊ मेट्रो की कोच
- अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से कर रहे सैनेटाइजेशन

By: Karishma Lalwani

Published: 30 Jan 2021, 04:18 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. लखनऊ मेट्रो (Lucknow Metro) ने अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से मेट्रो ट्रेन के कोच का सैनेटाइजेशन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अल्ट्रा वॉयलेट (पराबैंगनी) किरणों से मेट्रो कोच को सैनेटाइज करने वाली भारत की पहली मेट्रो सेवा बन गई है। यात्रियों को मेट्रो से सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने की दिशा में इसे एक अभूतपूर्व कदम माना जा रहा है।

न्यूयॉर्क मेट्रो द्वारा इस प्रणाली के सफल परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश मेट्रो ने इस तकनीक को अपने यहां लागू किया। भारत में इसे लखनऊ मेट्रो ने पहली बार लागू किया है। इससे पहले यूपी मेट्रो ने मेट्रो यात्रा टोकनों को यूवी किरणों से सैनिटाइज करने का भी सफल प्रयोग किया है जो कि सफलता पूर्वक जारी है।

खुद विकसित की तकनीक

तकनीक यूपी मेट्रो ने खुद विकसित की थी जो कि कोविड के बाद काफी अहम तकनीक साबित हुई है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब यूपीएमआरसी ने पूरी ट्रेन को ही अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से सैनिटाइज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। लखनऊ मेट्रो ने सैनेटाइजेशन उपकरण बनाने वाली एक निजी कंपनी के साथ मिलकर यूवी लैंप विकसित किया है जो कि पराबैगनी कीटाणुनाशक विकिरण प्रणाली पर काम करता है। इस उपकरण में 254 नेनो-मीटर तक की शॉर्ट वेवलेंथ वाली अल्ट्रवॉयलेट-सी किरणों के जरिए सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट किया जाता है. ये किरणें इन सूक्ष्म जीवों के डीएनए व न्यूक्लीक ऐसिड को नष्ट कर इनका नाश कर देती हैं। अक्टूबर, 2020 में इस उपकरण को डीआरडीओ से मंजूरी मिली थी। वहीं, इस उपकरण को इस्तेमाल करने में कीमत भी काफी कम आती है। यूवी लैंप से सैनिटाइजेशन सोडियम हाइपोक्लोराइट की तुलना में बेहद सस्ता भी है।

30 मिनट में सभी कोच साफ

यूवी लैंप के जरिए सैनिटाइजेशन से लागत 40 गुना तक कम भी हो जाएगी। यूपीएमआरसी में प्रयोग किए जा रहे इस उपकरण के जरिए 30 मिनट में ही एक मेट्रो ट्रेन के सभी कोच सेनिटाइज किए जा सकता हैं। रिमोट के जरिए संचालित इस उपकरण को ऑन करने के 1 मिनट बाद मशीन से रेडिएशन निकलना शुरू होता है। गौरतलब है कि चिकित्सा क्षेत्र में ऑपरेशन थियेटर को सेनिटाइज करने के लिए इसी किस्म के उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है.

क्या कहना है जिम्मेदारों का

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव का कहना है कि 'यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। जब हमने यूवी रेडिएशन के जरिए टोकन सेनेटाइज करने की शुरूआत की थी, तब भी हमें यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। अब हम पूरी ट्रेन को यूवी के जरिए सेनिटाइज करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस नई पहल के जरिए हम जनता को एक सुरक्षित सफर का आश्वासन देते हैं।

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