प्राइमरी टीचर ही निकला पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड, एसटीएफ की पूछताछ में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

प्राइमरी टीचर ही निकला पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड, एसटीएफ की पूछताछ में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 03 2018 04:05:10 PM (IST) | Updated: Sep, 03 2018 04:10:43 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

नलकूप चालक की भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की नलकूप चालक की भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पेपर लीक करने वाले गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई। नलकूप चालक की भर्ती की परीक्षा में पेपर लीक होने की खबर पर ही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस मामले की जांच की और इसका मामले का खुलासा भी किया।

नलकूप चालक की भर्ती परीक्षा रद्द

राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपी ट्रिपलएससी) की नलकूप चालक की भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक करने वाले गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। नलकूप चालक की भर्ती की परीक्षा 2 सितंबर रविवार को होनी थी लेकिन पेपर लीक होने की कारण यह परीक्षा रद्द कर दी गई हैं। एसटीएफ ने जिन अपराधियों को पकड़ा है उनमें एक प्राथमिक शिक्षक भी शामिल हैं। जिसने पिछले दो साल से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने में अपनी भूमिका को स्वीकार किया है।

एसटीएफ के बयान के मुताबिक

एसटीएफ की तरफ से जारी बयान के मुताबिक बताया गया है कि एक गिरोह के लोग अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर upsssc द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं का पेपर लीक करने के लिए सक्रिय हैं और वे पेपर लीक कराकर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचा रहे थे। उन्होंने बताया कि गिरोह के सक्रिय सदस्यों को चिन्हित किए जाने के बाद एसटीएफ की टीम ने शनिवार की रात कैंट रेलवे स्टेशन के पास एक पार्क में बैठे गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

अपराधियों पर की जा रही कड़ी कार्रवाई

इसके साथ ही उनके पास से तीन लिखित उत्तर पुस्तिकाएं, पांच प्रवेश-पत्र, 13 मोबाइल फोन, 14 लाख 80 हजार नकद रुपए, और एक कार बरामद की गई है। इसी गिरोह के एक सदस्य सचिन ने पूछताछ में बताया है कि वह अमरोहा के एक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक पद पर तैनात है। वह पिछले 2 सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करा रहा है और अभ्यर्थियों से गलत तरीकों से एक गिरोह बनाकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। वह प्रत्येक छात्र से तीन-तीन रुपए वसूल रहे हैं और भर्ती होने के बाद अलग से फिर से तीन से चार लाख रुपए वसूल रहे थे। STF द्वारा पेपर लीक कराने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं और उन पर अब कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

ये हैं गिरोह के 11 सदस्य

1. सचिन
2. अंकित पाल
3. दीपक
4. सुरेन्द्र सिंह
5. प्रदीप
6. कपिल
7. शुभम कुमार
8. सुमित शर्मा
9. परमीत सिंह
10. लोकेश
11. गौरव कुमार

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