लखनऊ, लखनऊ,साइबर स्पेस पर जब कोई हमारी बात से असहमत होता है तो लोग विरोध जताने के लिए ट्रोलिंग का सहारा लेने लगते हैं। आज के दौर में ट्रोलिंग उत्पीड़न का एक हथियार बन गया है। ऐसी ही कुछ बातें ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा आयोजित कैफ़े टॉक की चर्चा के दौरान सामने आईं।

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