लखनऊ। गो ग्रीन सेव अर्थ फाउण्डेशन और हमराह फाउण्डेशन द्वारा एकजुट हो वायु प्रदूषण के खिलाफ ‘‘देश मांगे स्वच्छ हवा’’ नाम का अभियान चलाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत वैलेंटाइन्स डे पर चिड़ियाघर में हस्ताक्षर कार्यक्रम चलाया गया। इस दौरान 'नेचर माई Valentine' पर चर्चा छात्रों द्वारा की गई।

कार्यक्रम का मकसद था ये सन्देश देना कि आखिर प्रकृति से कैसे जुड़ा जाये। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग की सहायक प्रोफेसर गरिमा सिंह ने कहा कि अगर हमें जीना है तो इस प्रकृति को बचाना होगा। सामाजिक कार्यकर्ता रीता प्रकाश मणिकर्णिका ने कहा इस प्रकृति को बचाने के लिए हमें बच्चों के बीच में जाना होगा। क्योंकि बच्चे ही देश के भविष्य है।

कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने के लिए कई तरह इवेंट हुए। माॅकफ्रीज़, जिसमें संस्था के वालेन्टियर पब्लिक के सामने दौड़कर गये और अचानक से उनके सामने रूक गये। पब्लिक में से जब किसी ने रुकने की वजह पूछी तो वालेन्टियर की ओर से पब्लिक को बताया कि अगर अब भी हम प्रकृति के लिए जागरूक नही हुए तो आने वाले समय में हम ऐसे ही फ्रीज हो जाएंगे।

अगला कार्यक्रम लव फाॅर नेचर पर पेंन्टिंग का हुआ। इसके अलावा गेम विद् बैलून , स्वच्छ हवा ग्रुप साॅग और स्वच्छ हवा नुक्कड़ नाटक हुआ। स्वच्छ हवा को लेकर चिड़ियाघर में स्वच्छता अभियान चिड़ियाघर निदेशक आर के सिंह की देखरेख में चलाया गया। जिसमें जू में लोगों के द्वारा फेंके गये कूड़ों को इकट्ठा किया गया एवं प्लास्टिक न इस्तेमाल करने की अपील की गयी।

गो ग्रीन सेव अर्थ फाउण्डेशन के अध्यक्ष विमलेश निगम ने कहा कि वैलेंटाइन के दिन प्रकृति से भी प्यार करने की ज़रुरत है। स्वच्छ हवा और पानी के बिना अच्छे जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। थोड़ी सी जागरूकता काफी बड़े परिणाम ला सकती है।

इस कार्यक्रम में अनामिका यादव, अखिल कुमार, आकाश, शुभम जायसवाल, विपिन, सरोज, महेन्द्र, बालिग, शैलेन्द्र, नवनीत, पूजा, ज्योति, दिव्या, शालिनी सिंह, केशव, सतेन्द्र एवं पीयूष मोहन श्रीवास्तव डिप्टी रेंजर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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