वाराणसी पुल हादसे निर्माण में सामने आई ये खामियां, सात पर कार्रवाई की सिफारिश

Mahendra Pratap

Publish: May, 18 2018 02:10:20 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
वाराणसी पुल हादसे निर्माण में सामने आई ये खामियां, सात पर कार्रवाई की सिफारिश

वाराणसी फ्लाईओवर हादसे में सामने आई कई खामियां

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पुल हादसे को लेकर जांच कर रही टीम ने सीएम योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में वाराणसी पुल हादसे में हुई लापरवाही का कारण सामने आया है। जांच कमेटी ने सेतु निगम के एम डी राजन मित्तल को इस पद से बर्खास्त कर दिया गया है। उनके अलावा मुख्य परियोजना प्रबंधक एससी तिवारी, पूर्व परियोजना प्रबंधक एससी तिवारी, परियोजना प्रबंधक गेंदालाल और केआस सूदन, सहायक परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह, अवर परियोजना प्रबंधक लालचंद और परियोजना प्रबंधक समेत 7 और अभियांतो को दोषी ठहराया गया है। जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद सीएम योगी ने सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

पता लगा लापरवाही के कारण का

मुख्यमंत्री द्वारा तीन सदस्यीय टीम बनाई गयी, जो कि वाराणसी पुल हादसे की जांच करे। इस कमेटी के लीड कर रहे हैं एसपी राज प्रताप सिंह। वाराणसी पुल हादसे में तकनीकि टीम ने जांच कर लापरवाही के कारण का पता लगाकर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी, जिसमें पुल के निर्माण में कई खामियों का पता लगा।

रिपोर्ट में पता लगा इन खामियों का

कॉलम के बीच में ढाली गयी इन बीमों को क्रॉस बीम से टाई नहीं किया गया था। बीम्स की गुणवत्ता का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था। उनकी जांच अधिकारियों द्वारा नहीं की गयी थी। निर्माण की ड्राइंग का अनुमोदन नहीं था। कॉलम के बीच में टाईबीम भी नहीं था। फ्लाीओवर निर्माण के दौरान कार्यस्थल की बैरिकेडिंग नहीं की गयी। फ्लाईओवर के नीचे वाले ट्रैफिक के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी थी। रिपोर्ट में दोषी पाए गए अफसरों में से सेतु निगम के एमडी राजन मित्ल को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया और उनकी जगह जेके श्रीवास्तव को सेतु निगम का प्रबंधक बनाया गया है।

दिसंबर तक था काम पूरा करने का दबाव

इसके साथ ही ये बात भी सामने आई कि प्रधानमंत्री का संस्दीय क्षेत्र होने की वजह से जिला प्रशासन और अन्य विभागों की ओर से सेतु निगम पर काम पूरा करने का दबाव डाला गया था। फ्लाईओवर का काम दिसंबर 2018 तक किसी भी हाल में कार्य पूरा किए जाने का दबाव था।

वाराणसी पुल हादसा मंगलवार यानि कि 15 मई को करीब शाम 5:30 बजे हुआ था। हादसे से सहमे कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी और कई इसमें घायल तक हुए थे। इसके बाद हादसे की जांच की गयी, जिसमें कई खामियों का पता लगा। साथ ही ये बात भी सामने आई कि मृतकों की डेड बॉडी देने के लिए अस्पताल का स्टाफ 200 रुपये लेने की मांग कर रहा था, जो कि गलत है।

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