मंदिर निर्माण में विहिप की भूमिका को लेकर असमंजस, मुद्दे को भुनाने की तैयारी में भाजपा

भाजपा चुनाव के बचे ढाई सालों में राममंदिर के निर्माण के मुद्दे को लगातार गर्म रखने की रणनीति अपनाना चाह रही है...

लखनऊ. लगभग पांच सौ वर्ष से हिंदू और मुसलमानों के बीच विवाद का कारण बना रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद (Ram Janmabhoomi Babri Masjid Vivad) अगर 21वीं सदी के दूसरे दशक में निपटा तो इसमें सबसे अहम भूमिका विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishva Hindu parishad) की मानी जाएगी। परिषद ने इस मामले पर राष्ट्रव्यापी जनांदोलन खड़ा कर आम आदमी का ध्यान इस ओर खींचा। लेकिन अब मंदिर निर्माण में विहिप की भूमिका को लेकर असमंजस बढ़ गया है। क्योंकि राम मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित ट्रस्ट (Ayodhya Ram Mandir Trust) में विहिप सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं चाहती। वहीं दूसरी तरफ भाजपा (Bhartiya Janta Party) चुनाव के बचे ढाई सालों में राममंदिर के निर्माण की प्रक्रियाओं में केंद्र व प्रदेश सरकार की मदद से इस मुद्दे को लगातार गर्म रखने की रणनीति अपनाना चाह रही है।


ट्रस्ट से सरकार रहे दूर

विहिप की मांग है कि राम मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित ट्रस्ट (Ayodhya Ka Faisla) में न तो सरकार का कोई प्रतिनिधित्व हो और न ही वैष्णव, शैव और सगुण ब्रह्म को मानने वालों के अलावा किसी अन्य मतावलंबियों को जगह मिले। पूजा पद्धति को परिवारवाद से बचाने के लिए विहिप ने बद्रीनाथ मॉडल अपनाए जाने की वकालत की है, जहां ब्रह्मचारी रहने तक ही पुजारी पद पर रह सकता है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राम मंदिर से जुड़े मुकदमे में अहम भूमिका निभाने वाले चंपत राय (Champat Rai) के मुताबिक ट्रस्ट पर सरकार से बातचीत नहीं हुई है। हमारा मानना है कि उसमें मंत्रियों या अफसरों को शामिल न किया जाए।


मंदिर निर्माण को भुनाने की तैयारी में भाजपा

अभी तक सपा बसपा कांग्रेस (SP BSP Congress) सरीखे विरोधी दल भाजपा को राममंदिर (Ram Mandir) को महज चुनावी मुद्दा बनाकर भुनाने की कोशिश के लिए घेरते थे और जनता को ठगने का आरोप लगाते थे। अब विपक्ष के इन्हीं निशानों पर भाजपा आक्रामक रूख अपना सकती है। इतना ही नहीं फैसले पर अमल करने की जिम्मेदारी निभाने में भाजपा अपनी सरकार के मार्फत अगले विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Election) में दोबारा सरकार बनाने की जुगत में जुटने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार रणनीति यह है कि भाजपा चुनाव के बचे ढाई सालों में राममंदिर के निर्माण की प्रक्रियाओं में केंद्र व प्रदेश सरकार की मदद से इस मुद्दे को लगातार गर्म रखा जाए।


राममंदिर निर्माण का संकल्प

भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक (Vijay Bahadur Pathak) के मुताबिक निसंदेह राममंदिर मुद्दा पार्टी के संकल्प पत्र का मुख्य हिस्सा रहा है लेकिन यह हमारा सियासी मुद्दा नहीं रहा। हम आम लोगों को अपनी प्रतिबद्धता के पूरा होने और उसके लिए किए गए जतन को जरूर सामने रखेंगे। विधानसभा चुनाव में अयोध्या में भव्य राममंदिर (Ram Mandir Andolan) के निर्माण का संकल्प भाजपा ही लेती रही है।

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नितिन श्रीवास्तव
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