Corona curfew2021:यूपी में शुक्रवार से मंगलवार तक होगी साप्ताहिक बंदी, पढ़िए पूरी खबर

टेस्टिंग कैपिसिटी को दोगुनी करने का काम तेजी से किया जाए।

By: Ritesh Singh

Updated: 29 Apr 2021, 05:32 PM IST

लखनऊ , प्रदेश में कोविड संक्रमण से स्वस्थ होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमें और सतर्कता बरतनी होगी। सभी जिलों में रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू और साप्ताहिक बंदी प्रभावी है। संक्रमण प्रसार को कम करने में कोरोना कर्फ्यू बहुत उपयोगी हो रही है। ऐसे में अब शुक्रवार रात्रि 8 बजे से मंगलवार प्रातः 7 बजे तक साप्ताहिक बन्दी होगी। इस अवधि में केवल आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं ही यथावत जारी रहेंगी। औद्योगिक गतिविधियां और वैक्सीनेशन कार्य साप्ताहिक बंदी में भी जारी रहेंगी। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

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- रेमेडेसीवीर इंजेक्शन की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। सभी जिलों हर दिन रेमेडेसीवीर उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी अस्पतालों में यह दवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, निजी अस्पतालों को जरूरत पर इसकी आपूर्ति कराई जा रही है। जिला प्रशासन इस दवा की मांग,आपूर्ति और खपत का पूरा विवरण जरूर रखें।

- डीआरडीओ के सहयोग से लखनऊ और वाराणसी में सभी सुविधाओं से युक्त कोविड असप्ताल तैयार कराया गया है। जल्द ही यह क्रियाशील हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इस कोविड अस्पताल के संचालन के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित कराए।

- ऑक्सीजन की आपूर्ति हर दिन बेहतर होती जा रही है। उत्तर प्रदेश में उपलब्ध सभी संसाधनों को आपूर्ति चेन से जोड़ने के साथ-साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस, वायु मार्ग जैसे विशेष साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। रुड़की, देहरादून, जमशेदपुर, बोकारो आदि क्षेत्रों से ऑक्सीजन की सतत आपूर्ति हो रही है। कल की तरह आज भी 650 मीट्रिक टन से अधिक की आपूर्ति होनी है। सभी जिलों के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों की जरूरत पर नजर रखी जाए। उन्हें आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।

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- उत्तर प्रदेश कोविड के खिलाफ लड़ाई में पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ रहा है। कोविड की पहली लहर के अनुभवों से सीखते हुए स्वास्थ्य संसाधनों को प्राथमिकता के साथ बेहतर किया गया है। यह काम लगातार जारी है। हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। आज 116000 से अधिक एल-1 के बेड्स हैं तो एल-टू व एल-3 के 65000 से अधिक बेड हैं। सभी जिलों में दो-दो सीएचसी को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में संसाधन बढ़ाये जा रहे हैं, इसके साथ-साथ निजी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेज को भी इसमें जोड़ा जाए। सभी विकल्पों की परख करते हुए कोविड बेड को वर्तमान क्षमता से दोगुनी करने की कार्यवाही हो। सभी बेड पर ऑक्सीजन आदि जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता होनी चाहिए।

- कोविड संक्रमण की तेज दर में मरीजों की तादाद बढ़ी है। इस बार की लहर में ऑक्सीजन की मांग सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ी है। इस संबंध में व्यवस्था कराई जा रही है। किंतु कुछ लोग अनावश्यक भय के कारण ऑक्सीजन सिलिंडर की जमाखोरी करने में लग गए हैं। रेमेडेसीवीर जैसी जीवनरक्षक मानी जा रही दवा की कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा की इस स्थिति में मुनाफाखोरी की घटनाएं शर्मनाक हैं। इस पर कार्रवाई की जाए।

- टेलीकन्सल्टेशन को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों को हर दिन स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जाए। नॉन कोविड मरीजों को भी टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा मिले। चिकित्सकों से संपर्क नम्बर, समय और विशेषज्ञता के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए जिले स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलों में विशेष टीम गठित की जानी चाहिए।

- विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित करें। लोगों को सही जानकारी दी जाए। किसे अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है, किसे रेमेडेसीवीर की जरूरत है और किन मरीज को ऑक्सीजन की अनिवार्यता है। अनावश्यक भय और अज्ञानता के कारण लोग इन आवश्यक चीजों के संग्रहण कर रहे हैं। इससे व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

- कोविड से बचाव के लिए जरूरी टेस्टिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश ने अब तक चार करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट कर लिए हैं। यह देश में किसी राज्य द्वारा किया जाने वाला सर्वाधिक टेस्ट है। टेस्टिंग कैपिसिटी को दोगुनी करने का काम तेजी से किया जाए।

- कतिपय जिलों में कुछ अस्पतालों द्वारा मरीजों से अवैध वसूली की शिकायत मिली है।फर्जी चिकित्सकों की भी खबरें आई हैं। यह लोग मानवता के अपराधी हैं। इन की सार्वजिनक निंदा होनी चाहिए। पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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