Lightning : आकाशीय बिजली से खुद का ऐसे करें बचाव, जाती हैं हजारों जानें

- क्या करें जब आपके नजदीक Lightning Strikes हो? खुद पढ़े और अपनों तक शेयर भी करें
- National Disaster Management Authority ने आकाशीय बिजली से बचने के लिए जारी की गाइडलाइन्स
- उत्तर प्रदेश में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से सैकड़ों लोगों की हो चुकी है मौत

By: Hariom Dwivedi

Updated: 07 Jul 2020, 02:58 PM IST

हरिओम द्विवेदी

लखनऊ. देश में प्रतिवर्ष आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने से 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित होते हैं और औसतन ढाई हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। वर्ष 1967 से 2018 तक प्राकृतिक आपदाओं (Natural Casaulity) में हुईं मौतों में बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या (Lightning Death) 39 फीसदी है। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में ही बिजली गिरने से मरने वालों का आंकड़ा 100 पार कर चुका है। इनमें सबसे ज्यादा मरने वाले किसान हैं। बरसात के मौसम (Monsoon) में कमोबेश हर दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से से बिजली की चपेट में आने से मृत्य की खबरें आती है, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) के सुझावों का पालन कर इससे बचा जा सकता है। इसके अलावा अब मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने भी बिजली गिरने और आंधी-तूफान की पूर्व चेतावनी देनी शुरू की है। सही और समय से जानकारी मिलने पर आसमानी बिजली से बचा जा सकता है। हालांकि, यह सूचनाएं अभी सभी तक खासकर किसानों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) अपनी वेबसाइट पर और ट्विटर के जरिए भी लोगों तक विस्तृत दिशा-निर्देश पहुंचाता रहता है। एनडीएमए के ट्विटर हैंडल पर सुझाव दे रखे हैं, जिनका पालन कर हम बिजली गिरने की चपेट में आने से बचते हैं। इससे बचने का मुख्य सुरक्षा नियम 30/30 है। यानी बिजली चमके को 30 तक गिनने से पहले घर के अंदर चले जाएं और बादल गरजने के 30 सेकेंड तक घर से बाहर नहीं निकलें।

प्रशासन का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इसके बाद सुलतानपुर जिला प्रशासन ने लोगों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि मौसम खराब होने की दशा में अगर खेतों में काम कर रहे हों तो घर चले जायें। बारिश से बचने के लिए किसी पेड़ के नीचे खड़ा न हों। इससे दैवीय आपदा से बचा जा सकता है।

आकाशीय बिजली से बचने के उपाय
- घर के अंदर बिजली उपकरणों के प्लग निकाल देने चाहिए।
- घर के अंदर रहें। खिड़की, दरवाजे बंद रखें और उनसे दूर रहें।
- घर में नल आदि को छूने बचें, बहते पानी से भी दूर रहें।
- पेड़ के नीच न खड़े हों। भीड़ से भी बचें।
- बिजली और टेलीफोन लाइन से दूर रहें।
- स्विमिंग पूल, झील, नदी और तालाब आदि से बाहर निकलें।
- अगर आप कार, बस और अन्य कवर्ड वाहन में हैं तो अंदर ही रहें।
- अगर खुले आसमान के नीचे हैं तो दोनों पैरों को एक साथ कर सिर झुकाकर बैठ जाना चाहिए।
- खेत में हैं तो सूखी जमीन में रहें और पैरों को मिलाकर सिर झुकाकर बैठ जाएं। लेटें नहीं।
- साइकिल, ट्रैक्टर और धातु से बने अन्य उपकरणों को न छुएं।
- रबर सोल और रबर के टायर बिजली से सुरक्षा नहीं देते हैं, इनसे दूर रहें।

बिजली गिरने से नुकसान
- असर कई किलोमीटर तक हो सकता है।
- किसी की भी जान जा सकती है।
- बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है।
- जंगल में आग लग सकती है।
- कच्चे घरों को भारी नुकसान

बिजली की तीव्रता
- बिजली गिरने की गति 1,50,000 डेढ़ लाख किलोमीटर प्रति सेकेंड होती है।
- पृथ्वी पर बिजली गिरने की घटना प्रति सेकेंड में 50 से 100 बार होती है।

क्यों गिरती है आकाशीय बिजली?
आसमान में बादलों का हवा के वेग से एक-दूसरे से विरोधी दिशा में जाते हुए टकराना व इससे घर्षण उत्पन्न होना। घर्षण से विद्युत पैदा होती है। जब जब घर्षण से उत्पन्न विद्युत के लिए आसमान की बूंदों में से भी प्रवाह नाकाफी रहता है तो यह पृथ्वी पर कंडक्टर (संचालक) तलाशती है, जहां से वह गुजर सके। बिजली के खंबे आकाशीय बिजली के लिए कंडक्टर का काम करते हैं, लेकिन कोई जीवधानी (मनुष्य/पशु) उसके लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है।

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