बिहार से हटाकर मध्य प्रदेश के क्यों राज्यपाल बनाये गये लालजी टंडन? यह हैं पांच बड़े कारण

बिहार से हटाकर मध्य प्रदेश के क्यों राज्यपाल बनाये गये लालजी टंडन? यह हैं पांच बड़े कारण

Hariom Dwivedi | Publish: Jul, 20 2019 03:55:38 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- इन पांच वजहों से मध्य प्रदेश के राज्यपाल बनाये गये Lalji Tandon
- फागू चौहान को बनाया बिहार का नया राज्यपाल
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लखनऊ. बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। गृहमंत्रालय का निर्णय चौंकाने वाला है। ऐसे समय में जबकि अगले साल बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है, वहां से लालजी टंडन जैसे अनुभवी राजनैतिक और कानून मामलों के जानकार को हटा लिया गया। माना जा रहा है कि बिहार से ज्यादा मध्य प्रदेश की राजनीति कठिन है। इसलिए उन्हें मध्य प्रदेश भेजा गया है। टंडन के राजनीतिक कौशल, लंबे समय तक सदन का सदस्य रहने की वजह से उन्हें सभी राजनीतिक दांव-पेंच मालूम हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अल्पमत और गठजोड़ की सरकार है और लालजी टंडन गठजोड़ की सरकार बनाने और चलाने के अनुभवी रहे हैं। इनकी इस काबिलियत को भी मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाये जाने में अहमियत दी गई है। आइए जानते हैं वह पांच कारण जिनकी वजह से टंडन को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।

जोड़-तोड़ में माहिर
लालजी टंडन वार्ड पार्षद से लेकर विधायक, मंत्री और सांसद तक की वह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके पास लंबे समय तक विधान परिषद में विपक्ष के नेता रहने का अनुभव है। चुनावी प्रबंधन की भी उन्हें बेहतर जानकारी है। जोड़-तोड़ और गठबंधन की सरकार बनाने और चलाने का उन्हें माहिर नेता माना जाता है।

कानूनी मामलों के जानकार
लालजी टंडन राजनीतिक मामलों के जानकार तो हैं ही, कानूनी दांव-पेंच का भी उन्हें बड़ा जानकार माना जाता है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में उनके राजनीतिक कौशल की आवश्कता पड़ सकती है।

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लंबा राजनीतिक अनुभव
जेपी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले लालजी टंडन का राजनीतिक सफर वर्ष 1960 में शुरू हुआ था। विधान परिषद में 1978 से 1996 तक लगातार एमएलसी रहे। मायावती और कल्याण सिंह की कैबिनेट में वह नगर विकास मंत्री रहे।

अटल विहारी वाजपेयी के राजनीतिक मैनेजर
लालजी टंडन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक मैनेजर भी रह चुके हैं। अटल जी जब लखनऊ से चुनाव लड़ते थे तो उनके चुनाव प्रचार का पूरा प्रबंधन लालजी टंडन देखते थे। 1991 से 2009 तक अटल बिहारी लगातार लखनऊ से सांसद चुने जाते रहे। इस दौरान लालजी टंडन ने ही चुनाव प्रचार का पूरा जिम्मा निभाया।

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अटल की खड़ाऊं के सहारे जीते थे चुनाव
लालजी टंडन ने खुद भी कहा है कि राजनीति में उन्हें अटल जी ही लाये थे। अटल बिहारी के राजनीतिक सन्यास लेने के बाद 2009 में टंडन ने लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसमें अटल जी की खड़ाऊं के सहारे ही चुनाव जीता था।

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