इसलिए बड़े मंगल पर विशेष फल देती है हनुमान जी की पूजा, बन जाते हैं सारे बिगड़े काम

इसलिए बड़े मंगल पर विशेष फल देती है हनुमान जी की पूजा, बन जाते हैं सारे बिगड़े काम

Hariom Dwivedi | Updated: 22 May 2019, 12:53:39 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- जेठ के पहले मंगल पर हनुमान मंदिरों में उमड़ी भीड़
- बड़े मंगल पर विशेष फल देती है बजरंगबली की पूजा
- सुलतानपुर में फेमस है रूद्रनगर संकट मोचन

सुलतानपुर. जेठ के बड़े मंगल को लेकर जिले के हनुमान मन्दिरों में भव्य सजावट के साथ हनुमान भक्तों की दर्शन करने की लम्बी लाइन लगी हैं। जिले भर के हनुमान मंदिरों में भक्तों के भारी भीड़ के बावजूद कहीं मंदिरों की रंगाई-पुताई तो कही केसरी नन्दन की प्रतिमाओं के सजावट की तैयारियां चल रही हैं। शहर के रूद्रनगर संकट मोचन मन्दिर के पुजारी गंगाराम मिश्रा ने बताया कि जेठ माह का सबसे बड़ा मंगल है, कहते हैं आज के दिन जो कुछ भी पवनपुत्र हनुमान जी से मांगा जाये वो उसे पूरा कर देते हैं। भक्तों की मुंहमांगी मुरादें पूरी हो जाती हैं।

इस बार चार मंगल है, जिसमें 21, 28 मई और 4 जून तथा 11 जून को पड़ेगा। पण्डित अनुरागी दास ने बताया कि जेठ माह की शुरुआत 19 मई से हो रही है। इस बार जेठ में पड़ने वाले सभी मंगलवार श्रेष्ठ शुभ फलकारी हैं। हनुमान जी के दर्शन, पूजन व लाल चोला चढ़ाने से काफी लाभ मिलेगा।

क्यों कहते हैं बड़ा मंगल
कहते हैं हनुमान जी का जन्मदिन तो दिवाली के एक दिन पहले यानी नरक चतुदर्शी के दिन हुआ था, लेकिन उन्हें अमरत्व का वरदान आज ही के दिन माता सीता से मिला था ।इसी कारण जेठ के मंगल को बड़ा मंगल और बूढ़वा मंगल भी कहते हैं।

 

हनुमान जी को गुस्सा नहीं आता
अनुरागी दास बताते हैं कि हनुमान जी को गुस्सा नहीं आता है, इसलिए जो लोग बहुत ज्यादा गुस्सा करते हैं। उन्हें हनुमान जी की उपासना करने को कहा जाता है। हुनमान जी को बजरंग-बली इसलिए कहते हैं क्योंकि इनका शरीर एक वज्र की तरह मजबूत है।

जाने हनुमानजी को अमरत्व मिला कैसे
बाबा अनुरागी बताते हैं कि दुनिया में जिन देवताओं को अमरतत्व मिला हुआ है ,जिसमें से पवनपुत्र हनुमान जी एक हैं । जब बाल काल में हनुमानजी सूर्य को फल समझकर खाने जा रहे थे तो इंद्र ने उन पर वज्र से प्रहार किया था ,जिसके कारण उनकी ठुड्डी यानी हनु टूट गई थी , इस कारण ही उन्हें हनुमानजी कहा जाता है।

भगवान शिव के 11 वें अवतार है हनुमान जी
पंडित श्री ने बताया कि हनुमानजी 11वें रुद्र हैं। जो हनुमानजी का श्रद्धा से पूजा -अर्चना करते हैं ,उनका कष्ट जरूर कट जाता है । पण्डित जी ने यह भी बताया कि हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां अवतार रूद्र माना जाता है जो कि अत्यंत बलवान भी है । संकट मोचन हनुमानजी का दर्शन करने से कष्ट दूर हो जाता है।

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