अभियान : लड़कों का क्या है वो तो कहीं भी शुरू हो जाते हैं, कोई महिलाओं से पूछे !

Dikshant Sharma

Publish: Mar, 14 2018 04:42:23 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
अभियान : लड़कों का क्या है वो तो कहीं भी शुरू हो जाते हैं, कोई महिलाओं से पूछे  !

रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में महिला शौचालय क्यों है एहम?

लखनऊ. प्रदेश में एक भी महिला शौचालय ना होने पर महिलाओं ने चिंता व्यक्त की है। महिलाओं का कहना है कि राजनीति से लेकर प्रशासन तक महिलाएं अपने पैर जमा चुकी हैं फिर भी महिला शौचालय बनाने के बारे में आखिर प्रदेश में किसी भी महिला अधिकारी या नेता ने क्यों नहीं सोचा ? इस मुद्दे पर पत्रिका लगातार अभियान चला रहा है। पत्रिका ने इसी मुद्दे पर बात की राजधानी की महिलाओं से की आखिर रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में महिला शौचालय उनके लिए क्यों एहम है।

भारी गर्मी में कम पानी पीने को मजबूर
वीडियो एडिटर के तौर पर काम करने वाली श्वेता राय कहती हैं कि अब वह दिन नहीं बचे की महिलाएं घर में रहकर ही कार्य करें। वह भी पुरुषों की तरह रोजमर्रा की ज़िन्दगी में काफी समय घर से बाहर बिताती हैं। मार्केट हो ऑफिशियल काम के दौरान उन्हें शौचालय की कमी खलती है। भारी गर्मी होने के बाद भी या तो उन्हें पानी पीने से बचना पड़ता है या तो टॉयलेट को काफी समय तक रोकना पड़ता है। दोनों ही स्थिति में सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ता है।

आज की प्रमुख ज़रूरतों में से है एक
मार्केटिंग का काम करेने वालीं शुभ्रा सिंह ने कहा सिर्फ शौचालयों को स्वच्छता अभियान से ही जोड़कर क्यों देखा जाता है? ये एक जरूरत है। शौचालय बनाना ही काफी नहीं है उसे साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। गंदे शौचालय का प्रयोग भी काफी हानिकारक हो सकता है। इस दिशा में महिलाओं के साथ पुरुषों को भी आगे आना होगा। आज की प्रमुख जरूरतों में से एक है महिला शौचालय लेकिन ना ही महिलाएं इसके लिए अपनी आवाज बुलंद कर पा रही है और ना ही सरकार या आला अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।


सरकार खोले अपनी आँखें
कॉलेज छात्र आकांक्षा कहती हैं कि पुरुषों का क्या है वह तो कहीं भी सड़क किनारे शौच कर देते हैं। लेकिन महिलाएं अक्सर ऐसा नहीं कर सकती। कई बार खुले में शौच करने के चलते उन्हें अपराधों का सामना करना पड़ता है। लगातार ऐसे मामले संज्ञान में आए हैं खासतौर से ग्रामीण इलाकों के जहां शौच के लिए गई महिलाओं के साथ अपराधिक गतिविधियों हुई हैं। जरूरी है कि सरकार इस मुद्दे पर अपनी आंखें खोले।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned