योगी की महिला अफसर संभालेंगी प्रदेश की व्यवस्था, महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का होगा समाधान

सीएम योगी ने यूपी में आधी आबादी से जुड़ी योजनाओं की निगरानी करने की जिम्मेदारी महिला अफसरों को सौंपी है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा व बेहतरी के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी ने यूपी में आधी आबादी से जुड़ी योजनाओं की निगरानी करने की जिम्मेदारी महिला अफसरों को सौंपी है। महिलाओं से जुड़ी हर समस्याओं के समाधान के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव मोनिका एस. गर्ग ने उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के लिए तीन-तीन महिला नोडल अफसरों की टीम बनाकर तैयार की है और इन्हें मुख्यमंत्री योगी ने खुद नामित किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन टीमों में आइएएस, आइपीएस, पीसीएस, आइएफएस व पीपीएस रैंक की महिला अफसरों को शामिल किया हैं। ये सभी महिला अफसर यूपी के सभी जिलों की व्यवस्थाएं संभालेंगी और विभिन्न योजनाओं का हाल-चाल लेंगी और सरकार को फीडबैक देंगी।

उत्तर प्रदेश की व्यवस्था के लिए इस महिला टीम में शामिल अधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद नामित किया है। यह पहल महिलाओं के मन में सरकार के प्रति भरोसा दिलाने के लिए की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने बताया कि नोडल अफसर महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले सभी भेदभाव को समाप्त करना ही मुख्य उद्देश्य है। हानिकारक प्रथाओं को समाप्त करने के साथ ही राजनीतिक, आर्थिक व लोकजीवन में निर्णय लेने के लिए महिलाओं का समर्थन करेंगी। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुमंगला योजना लांच करने जा रही है। इस योजना की निगरानी की जिम्मेदारी भी महिला नोडल अफसरों के हांथों में होगी।

लखनऊ में अनीता को जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में 1985 बैच की महिला आइएएस अफसर अनीता भटनागर जैन को नोडल अफसर बनाया है। इसके साथ ही 2013 बैच की महिला आइएएस अपूर्वा दुबे व पीपीएस श्रेष्ठा को नोडल अधिकारी बनाया है। वाराणसी में आइएएस मनीषा त्रिघाटिया, आइपीएस चारू निगम व पीसीएस अफसर ज्योति मौर्या को नोडल अफसर बनाया है। गोरखपुर में आइएएस काजल, सुनीता सिंह व पीसीएस निष्ठा उपाध्याय को जिम्मेदारी दी गई है।

महिला अफसर इन योजनाओं की करेंगी निगरानी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की व्यवस्था के लिए चयनित की गईं सभी महिला अफसर इन योजनाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी, जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, वन स्टाप सेंटर योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, महिला शक्ति केंद्रों की स्थिति, बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्ययोजना, विधवा पेंशन, बालिका गृह, स्वधार गृह, महिला शरणालय का निरीक्षण, महिला व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की समीक्षा, गुमशुदा बालिकाओं व महिलाओं की स्थिति, पॉक्सो एक्ट के तहत आए प्रकरणों की समीक्षा, एंटी रोमियो अभियान व घरेलू हिंसा के प्रकरण की समीक्षा, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुखबिर योजना, एनीमिया मुक्त, टीकाकरण अभियान व हौसला साझेदारी सहित विभिन्न अभियान, जिला महिला अस्पतालों की समीक्षा, जिला अस्पतालों के मैटरनिटी विंग का निरीक्षण, पोषण अभियान, बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण, महिला स्वयं सहायता समूहों की स्थिति, उच्च शिक्षा में बालिकाओं के प्रवेश की स्थिति, रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान व बाल कोष की समीक्षा आदि योजनाएं शामिल है।

Neeraj Patel
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