#World Sparrow Day : यहाँ सालों से गौरैया को कैद से आजाद करने में जुटा गौरैया का जोड़ा

लखनऊ में एक जगह है जहाँ पर एक गौरैया का जोड़ा सालों से जेल में कैद गौरैया को आजाद  कराने में जुटा है, लेकिन अभी तक इस जोड़े को कामयाबी नहीं मिली है।

लखनऊ. राजधानी में एक जगह है जहाँ पर एक गौरैया का जोड़ा सालों से जेल में कैद गौरैया को आजाद कराने में जुटा है, लेकिन अभी तक इस जोड़े को कामयाबी नहीं मिली है। ये कहानी आपको सुनने में थोड़ी अजीब लगेगी क्योंकि इसमें गौरैया का जोड़ा तो असली है, लेकिन जेल की कैद में बंद गौरैया नकली है लेकिन शायद नासमझ गौरैया का जोड़ा ये नहीं जानता। इसलिए वह सालों से कैद में बंद गौरैया को छुड़ाने का प्रयास कर रहा है। 

दरअसल लखनऊ के जाने माने समाजसेवी हर्षित सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर गौरैया के जोड़े की इस हरकत को शेयर किया है। उन्होंने लिखा है :

यकीन मानियेगा जनाब यह नजारा किसी गुगल से निकाली हुई फोटो गैलरी का नहीं है। यह नजारा मेरे घर का है। यह चिड़ियों का जोड़ा मेरे घर में पिछले कई सालों से है। यह पालतू नहीं हैं न ही किसी पिजडे़ में रखी गई हैं। यह आजाद हैं मेरे घर के सामने वाले पेड़ पर ही घोसला भी हैं।

इनका मेरे घर आने का लालच यह शीशा ही है। यह दोनों लगभग एक साल से कोशिश कर रही हैं इस शीशे को तोड़ कर अपने जैसे और भी पक्षियों को अजाद करें ( शीशे में अपने आप को देख कर उनको लगता हैं कि कोई कैद है उस पार)
कभी कभी तो यह कोशिश इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि गौरैया के चोच में घाव हो जाता हैं और शीशा भी लहू लुहान हो जाता है पर इनकी कोशिश जारी है। चोट लगने के बाद और अस्पताल से वापस आने के बाद मैं बेड पर ही हूँ यही पक्षी मेरे साथी बने।

कौन है हर्षित सिंह
हर्षित सिंह उत्तर प्रदेश के एक सक्रिय युवा स्वयंसेवक हैं। उन्होंने समाज सेवा के कई क्षेत्रों में जैसे वृक्षारोपण, एचआईवी / एड्स जागरूकता कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण,स्वास्थ्य /नेत्र/ टीकाकार पर शिविरों का आयोजन करके समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया है। हर्षित ने एन.एस.एस. के साथ-साथ अपने सामाजिक कार्यों के लिए भी बहुत नाम कमाया है। हर्षित की ओर से किये गए कार्यों के लिए राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित भी कर चुके हैं।
 
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Rohit Singh
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