Big Breaking: CM Yogi Adityanath के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, चलेगा मुकदमा!

यूपी के दंगो की आंच अब उत्तर प्रदेश CM Yogi Adityanath तक पहुँच गई है

लखनऊ.यूपी के दंगो की आंच अब उत्तर प्रदेश CM Yogi Adityanath तक पहुँच गई है, यूपी एक नहीं कई बार दंगों की चपेट में आया है। इन दंगों के खिलाफ अब आवाज़ उठने लगी है। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। और उनके खिलाफ High Court में याचिका दायर किया गया है।

दरअसल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दशक पहले जो दंगे हुए थे उसमें Yogi Adityanath का नाम आया है।  साल 2007 में भड़के दंगे में सीएम आदित्यनाथ योगी का नाम है। इस मामले में सीएम के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग भी की गई है।  

गोरखपुर दंगे मामले में याचिका के जवाब में यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। अपने जवाब में यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अभियोजन चलाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने याची को तीन हफ्ते का समय दिया है। याची ने इस दंगे की जांच सीबीआई जांच की मांग की है।

गोरखपुर दंगे की सीबीआई जांच कराने की मांग की याचिका पर तलब यूपी के मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने हलफनामा दाखिल किया है। इस मामले में सचिव ने अभियोजन चलाने से इंकार किया।
दंगे में याची ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आरोपी बनाया है। याची का कहना है कि पुलिस विवेचना निष्पक्ष नहीं होगी लिहाजा मामला सीबीआई देखे।

आप को बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदित्यनाथ के खिलाफ 2007 में हिंसा फैलाने के आरोप में जांच के लिए 153 ए के तहत सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने पर सवाल उठए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है और पूछा है कि योगी और अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीसीआडी जांच के लिए 153 ए के तहत सरकार ने अब तक जांच की अनुमति क्यों नहीं दी?

यह है मामला

27 जनवरी 2007 की रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विधायक राधामोहन दास अग्रवाल और गोरखपुर की मेयर अंजू चौधरी की मौजूदगी में कथित तौर पर हिंसा फैलाने वाला भाषण दिया था। इसके बाद पर विवादस्पद बयान देने का आरोप है।

हाईकोर्ट ने दंगे को लेकर मुख्य सचिव को जारी किया समन
इलाहबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव समन जारी करते हुए गोरखपुर दंगों से जुड़े सभी दस्तावेज लाने के निर्देश दिए थे। इन दंगों में तत्कालीन स्थानीय सांसद और मौजूदा मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ को आरोपी ठहराया गया था। राज्य सरकार ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए के तहत योगी सहित उन सभी लोगों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी थी जिन्हें उस एफआईआर में नामजद किया गया था। ऐसे लोगों में गोरखपुर की तत्कालीन मेयर मंजू चौधरी और स्थानीय भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल शामिल थे।
Show More
Santoshi Das
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned