सीएम योगी का इन अधिकारियों के लिए बड़ा ऐलान, कहा- कहा सही वक्त पर सही निर्णय न लेने वालों के साथ...अधिकारियों में हड़कंप

सीएम योगी का इन अधिकारियों के लिए बड़ा ऐलान, कहा- कहा सही वक्त पर सही निर्णय न लेने वालों के साथ...अधिकारियों में हड़कंप

Ruchi Sharma | Updated: 04 Jul 2019, 02:05:08 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

-जिलाधिकारियों की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं योगी आदित्यनाथ
-कहा सही वक्त पर सही निर्णय न लेने वाले फील्ड छोड़े, एक ही काम बार-बार कहना पसंद नहीं

 

 

 

 

 

लखनऊ. जिलाधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाखुश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई। नमामि गंगे, जल शक्ति और जल संसाधन पर हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि नमामि गंगे के सभी प्रोजेक्ट तय समय सीमा में पूरे होंगे। राज्य सरकार ने केंद्र को हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने खड़ा रुख लेते हुए जिलाधिकारियों से कहा कि उन्हें एक ही काम के लिए बार-बार कहना पसंद नहीं। गंगा किनारे के जो भी जिले हैं, वहां के जिलाधिकारी कार्ययोजना बनाकर काम करें। निर्णय लेने की आदत डालें, जो डीएम फैसला नहीं ले सकता है उसे फील्ड में रहने की कोई जरूरत नहीं है।

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उन्होंने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट की सफलता को प्रयागराज कुंभ में देखा गया। कुंभ की सफलता गंगा की निर्मलता ओर स्वच्छ वातावरण पर निर्भर थी। कुंभ में 22 करोड़ लोगों ने स्नान किया और हमारी कोशिशों की तारीफ की। योगी ने कहा कि गंगा एक हजार किमी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरती है। इसके 85 प्रोजेक्ट हैं। 50 सीवरेज के प्रोजेक्ट हैं जिसमें से 15 पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने 25 जिलों के डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बात की। इन जिलों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सताई नाराजगी

सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को पाइप पेयजल परियोजना, जल संरक्षण और गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की सफाई एवं उनके पुनरोद्धार के संबंध में कई निर्देश दिए। नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा के दौरान जल निगम की कई शिकायतें सुन मुख्यमंत्री ने ना सिर्फ नाराजगी जताई बल्कि निर्देश दिए कि अधूरे कार्यों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर कराएं, जेल भेजें। ऐसे लोगों की संपत्ति ईडी के सुपुर्द कर दें। यहां तक कहा कि बेहतर होगा कि जल निगम के कार्य को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बांट दें।

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