गोरखपुर मामला- अनीता भटनागर को अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा पद से हटाया गया

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही के चलते 34 बच्चों समेत 60 लोगों की हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है।

By: Abhishek Gupta

Published: 22 Aug 2017, 09:45 PM IST

लखनऊ. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही के चलते 34 बच्चों समेत 60 लोगों की हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। मंगलवार को मामले में यूपी के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है जिसके बाद सीएम ने बीआरडी कॉलेज से हटाए गए प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और पांच अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।

लखनऊ के हजरतगंज थाने में उन 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। वहीं अनीता भटनागर जैन को अपर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद से हटा दिया गया है जिनकी जगह रजनीश दुबे को नियुक्त किया गया है। अब मेडिकल एजुकेशन सचिव का अतिरिक्त प्रभार रजनीश संभालेंगे। इसके साथ ही डीजी मेडिकल एजुकेशन के के गुप्ता को भी उनके पद से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट को लेकर मुख्य सचिव कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।

लंबे समय से चिकित्सा शिक्षा में तैनात थीं अनीता
डा. अनीता भटनागर को तेजतर्रार और बड़ी पहुंच वाले आईएएस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। सियासी गलियारों में इनकी मजबूत पकड़ का अंदाजा तब लगा था जब अखिलेश सरकार में चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के लगे गंभीर आरोप के बावजूद योगी सरकार में वो उसी कुर्सी पर काबिज हो गईं।

दो दिनों में हुई 30 से अधिक बच्चों की मौत-

आपको बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी की वजह से दो दिनों के भीतर ही 30 से अधि‍क बच्चों की मौत हो गई थी, जिसने देशभर को झकझोर दिया था। शिक्षा चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन का कहना था कि लापरवाही बरतने के चलते BRD कॉलेज के प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था।

वहीं यह भी कहा गया था कि ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हुई, लेकिन उसे पूरा किया गया। बच्चों की इंसेफेलाइटिस और इंफेक्शन से और लिवर खराब होने से मृत्यु हुई। वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दलील दी कि यहाँ पर लोग बीमारी के अंतिम चरण में आते हैं। BRD में औसतन 17 मौतें रोज होती हैं। 2015 में 21 मौतें प्रतिदिन और 2016 में मौतें प्रति दिन होती थी। 2014 में अगस्त में 19 मौतें प्रति दिन होती थीं।

Abhishek Gupta
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