हार गए योगी और केशव अपनी लोकसभा सीट, भाजपा में हो सकता है बड़ा फेरबदल!

हार गए योगी और केशव अपनी लोकसभा सीट, भाजपा में हो सकता है बड़ा फेरबदल!

Ashish Pandey | Publish: Mar, 14 2018 05:58:51 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

गोरखपुर सदर सीट से 1998 से लगातार पांच बार सांसद चुने गए थे योगी।

 

लखनऊ. गोरखपुर की सीट को योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट मानी जाती रही है। लोकसभा के उप चुनाव में योगी की करारी हार हुई यहां योगी की हार कहने का मतलब यह है कि गोरखपुर सदर सीट से योगी आदित्यनाथ १९९८ से लगातार पांच बार सांसद चुने जा रहे थे। लेकिन उप चुनाव में भाजपा की करारी हार से यूपी की राजनीतिक महौल में भी काफी हलचल है। भाजपा ने यहां अपने पुराने कार्यकर्ता उपेंद्र दत्त शुक्ला को प्रत्याशी बनाया था। यहां चुनाव भले ही उपेंद्र दत्त शुक्ला लड़ रहे थे, लेकिन प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी सीएम योगी आदित्यनाथ की।

योगी की मजबूत पकड़ भी बेअसर
गोरखपुर और आसपास के कई जिलों में सीएम योगी आदित्यनाथ का काफी प्रभाव है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर समेत कई ऐसे जिले हैं जहां योगी की मजबूत पकड़ मानी जाती है। लेकिन उप चुनाव में योगी की अपने ही घर में हुई करारी हार ने यह दिखा दिया है कि कहीं न कहीं जनता पीएम मोदी के साथ ही योगी और दोनेां के कार्यकलापों से संतुष्ट नहीं है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं यह तो गोरखपुर और फूलपुर में हुए उप चुनाव का परिणाम ही बता रहा है।

नाराजगी का भी दिखा असर

पिछले दिनों बाहुबली नेता और पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के हाते पर पुलिस ने छापा मारा था। इसको ब्राह्मणों की नाराजगी से जोड़ दिया गया था। इसी के बाद से यह चर्चा हो रही थी कि भाजपा से ब्राह्मण नाराज हैं। भाजपा ने इस नाराजगी को मैनेज करने के लिए गोरखपुर सदर सीट से ब्राह्मण चेहरा उतारा लेकिन उसका कुछ असर नहीं दिखा और गोरखपुर की जनता ने अखिलेश यादव का साथ देना ही बेहतर समझा और सपा को जिता दिया।

2019 में दिखेगा इसका असर

उप चुनाव में भाजपा की करारी हार का असर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा। अगर सपा-बसपा ने लोकसभा चुनाव में गठबंधन कर लिया तो भाजपा की राह आसान नहीं होगी। उप चुनाव में सपा ने फूलपुर और गोरखपुर से अपना प्रत्याशी उतारा था और वहीं बीएसपी ने सपा का समर्थन किया था। अब २०१९ में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा अगर गठबंधन कर लेते हैं तो मोदी और भाजपा के लिए जीत काफी मुश्किल हो सकती है।

विरोधियों को मिला मौका
भाजपा की हार से विरोधी दलों का योगी पर हमला तेज हो जाएगा वहीं पार्टी में योगी के विरोधी भी काफी मुखर हो सकते हैं। उप चुनाव में सपा की जीत से सपा और बसपा दोनों भाजपा और योगी पर हमलावर तेवर में आने वाले दिनों में नजर आएंगे।

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