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निकाय चुनाव के बाद अब कई मंत्रियों को दिखाया जाएगा बाहर का रास्ता

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगभग 9 महीने के कार्यकाल के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी में है।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan

•

Dec 07, 2017

yogi adityanath

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगभग 9 महीने के कार्यकाल के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी में है। निकाय चुनाव के बाद मंत्रियों के फेरबदल की चर्चा के बीच कई मंत्रियों की छुट्टी तय मानी जा रही है। यह भी माना जा रहा है कि कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। निकाय चुनाव के बाद एक ओर जहां मंत्रियों के परफॉर्मेंस के आधार पर उनकी छंटनी होनी है तो दूसरी ओर नीति आयोग की सलाह पर विभागों की संख्या घटाए जाने से भी कई मंत्री बेरोजगार होने की कगार पर हैं।

दिसंबर या जनवरी में हो सकती है मंत्रियों की छंटनी

दरअसल नीति आयोग के दिशानिर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कई महीने से विभागों को अधिक जवाबदेह और कार्यप्रणाली को चुस्त बनाने के मकसद से विभागों के मर्जर पर काम करना शुरू कर दिया था। इस सम्बन्ध में नीति आयोग के साथ यूपी सरकार की बैठक भी हो चुकी है और माना जा रहा है कि इसी महीने या अगले साल के शुरुआती महीने में विभागों के मर्जर का काम हो सकता है। विभागों के मर्जर से कई एक तरह के कई विभाग जोड़ दिए जायेंगे और मंत्रियों व अफसरों की संख्या में कमी आएगी।

निकाय चुनाव के नतीजे और कामकाज के आधार पर होगा निर्धारण

निकाय चुनाव के बाद योगी सरकार को मंत्रियों की छंटनी का बेहतर मौक़ा मिला है। विभागों के मर्जर के कारण बहुत सारे मंत्रियों की छुट्टी होनी है लेकिन उन्हें सीधे तौर पर रास्ता न दिखाकर उनके कामकाज या उनके क्षेत्र में चुनावी नतीजों के आधार पर उनकी भूमिका तय होगी। निकाय चुनाव के नतीजों को आधार बनाकर कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

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