यूपी में हर वर्ष 7.5 लाख लोगों को श्रमिकों को मिलेगा रोजगार, इन दो संस्थानों से MoU करने जा रही योगी सरकार

- IIA और NAREDCO के साथ एमओयू साइन करेगी योगी आदित्यनाथ सरकार
- कई उद्योपतियों ने भी सरकार से मांगे श्रमिक

By: Hariom Dwivedi

Updated: 28 May 2020, 11:30 AM IST

लखनऊ. योगी सरकार ने दूसरे राज्यों से यूपी लौट रहे श्रमिकों व कामगारों को रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद उत्तर प्रदेश (नरेडको) के साथ एक एमओयू साइन किया जाएगा, जिसके मुताबिक, हर वर्ष 7.5 लाख श्रमिकों/कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। एमएसएमई में पांच लाख कामगारों को रोजगार मिलेगा जबकि रियल एस्टेट सेक्टर में ढाई लाख कामगार नौकरी पाएंगे। दोनों ही सेक्टर्स में कितने मैनपॉवर की जरूरत है इसके लिए डाटा तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

समझौते के मुताबिक, आइआइए और नरेडको प्रदेश में प्रति वर्ष साढ़े सात लाख लोगों को कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराएंगे। इसमें कुशल, अकुशल और अर्धकुशल तीनों तरह के श्रमिक व कामगार शामिल होंगे। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों की जरूरत के आधार पर ये दोनों संस्थाएं अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चला सकती हैं। सरकार की ओर से अकुशल श्रमिकों को अप्रेंटिस या प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण भत्ता देने की बात भी कही गई है। निर्देश के मुताबिक, हर माह एमएसएमई इकाइयों व अन्य उद्योगों में कार्यरत मजदूरों का ट्रैक रिकॉर्ड देखा जाएगा। इसे प्रदेश सरकार के साथ साझा भी करना होगा।

लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों/कामगारों को योगी सरकार वापस ला रही है। उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 25 लाख श्रमिक वापस आ चुके हैं, जिनमें से करीब 16 लाख लोगों की स्किल मैंपिंग का डेटा तैयार कर लिया गया है। सरकार की इस पूरी कवायद का मकसद श्रमिकों/कामगारों की योग्यता और अनुभव के आधार पर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार दिलाया जा सके।

उद्यमियों ने सरकार से मांगे 5 लाख श्रमिक
उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से पांच लाख स्किल्ड और अनस्किल्ड श्रमिकों की मांग की है। टीम-11 की बैठक में जानकारी दी गई कि यूपी सरकार के स्किल मैपिंग डेटा बैंक से पांच लाख श्रमिकों कामगारों की मांग उद्योगों से आई है। उद्यमियों की इस पहली मांग से सरकार काफी उत्साहित है।

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उद्यमियों को भी सहूलियत
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि औद्योगिक संस्थानों में तेजी से काम शुरू कराएं। सप्लाई चेन क्लियर कराने और बाकी सरकारी सहूलियतों में उद्यमियों को पूरा सहयोग दें। सीएम के निर्देश पर या औद्योगिक संस्थानों का सर्वे और मैपिंग शुरू कर दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि हर औद्योगिक इकाई में कम से एक 1 से लेकर 10 श्रमिकों के रोजगार की जगह बनाई जाये।

हाईकोर्ट ने मांगा रोडमैप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि घर लौट रहे श्रमिकों/कामगारों के रोजगार और उनके पुनर्वास सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए क्या नीति बनाई है। कोर्ट ने पूछा है कि बाहरी राज्यों से लौटे मजदूर फिर पलायन न करें इसके लिए क्या प्लान बनाया गया है? मामले में कोर्ट ने एक जून को राज्य सरकार से ले-आउट प्लान पेश करने का निर्देश दिया है।


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