शिवपाल के बाद अब भाजपा का राजा भैया पर बड़ा दांव, अखिलेश का बंगला देने की तैयारी

शिवपाल के बाद अब भाजपा का राजा भैया पर बड़ा दांव, अखिलेश का बंगला देने की तैयारी

Hariom Dwivedi | Publish: Oct, 13 2018 04:31:21 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो शिवपाल और राजा भैया को सपा से बगावत का ईनाम मिला है...

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर बंगलों की सियासत में उलझ गई है। गेस्ट हाउस कांड के बाद से शिवपाल यादव से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाली मायावती का आलीशान बंगला योगी सरकार ने शिवपाल सिंह यादव को आवंटित कर दिया है। वह अपने बंगले की लिपाई-पुताई करवाने में जुटे हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बहुचर्चित बंगले को रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को आवंटित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

योगी आदित्यनाथ इन दोनों पर यूं ही मेहरबान नहीं हैं। राजा भैया की प्रस्तावित पार्टी प्रजातंत्र और शिवपाल की समाजवादी प्रगतिशील पार्टी आने वाले चुनाव में भले ही कुछ विशेष न कर पायें, लेकिन समाजवादी पार्टी के वोट में सेंध लगाएंगे। इसीलिए भाजपा ने बड़े बंगले देकर इन दोनों नेताओं पर दांव लगाया है।

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इन बंगलों पर लगी थीं बीजेपी के दिग्गजों की नजर
मायावती का आलीशान बंगला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा। यह अभेद्य किले के रूप में भी जाना जाता है। तो अखिलेश के बंगले के निर्माण में बेशुमार दौलत लगी थी। अखिलेश का बंगला भी कम चर्चित नहीं रहा। इन दोनों बंगलों के लिये योगी सरकार के डिप्टी सीएम से लेकर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह भी अपनी नजरें गड़ाये बैठे थे। लेकिन इन सबको मायूसी हाथ लगी और पार्टी की सेवा और अनुभव पर पार्टी पर भारी पड़ गये राजनीतिक दांव-पेंच।

शिवपाल पर मेहरबानी?
शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिवपाल यादव को मायावती का बंगला आवंटित कर दिया। वहीं, अगले ही दिन यानी शनिवार को योगी सरकार ने शिवपाल यादव को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा-व्यवस्था मुहैया कर दी, जो सूबे में अभी मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती के पास ही है।

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सपा से बगावत का ईनाम!
सियासी गलियारों में चर्चा है कि शिवपाल यादव और राजा भैया को सपा से बगावत का ईनाम मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी इन दोनों बड़े नेताओं के जरिये सपा-बसपा के संभावित गठबंधन की धार कुंद करना चाहती है। ये सभी अभी तक समाजवादी पार्टी के लिये वोट लाने का काम करते थे।

 

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