तिरंगे में लपेटा गया था कासगंज में मृतक का शव, योगी बोले नहीं लपेटा जा सकता तिरंगे में हर किसी का शव

Dikshant Sharma

Publish: Feb, 15 2018 01:52:25 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
तिरंगे में लपेटा गया था कासगंज में मृतक का शव,  योगी बोले नहीं लपेटा जा सकता तिरंगे में हर किसी का शव

गैर सरकारी व्यक्ति का शव तिरंगे में लपेटना इंडियन नैशलन फ्लैग कोड-2002 का उल्लंघन है।

लखनऊ. एक बार फिर कासगंज की घटना चर्चा में आगयी जब समाजवादी पार्टी के एमएलसी ने कासगंज में हुई एक हरकत को नैशनल फ्लैग कोड का उल्लंघन बताया। इस पर प्रदेश सरकार ने कहा कि किसी भी गैर सरकारी व्यक्ति का शव तिरंगे में नहीं लिपटाया जा सकता। ये अवैध है। ऐसा करना इंडियन नैशलन फ्लैग कोड-2002 का उल्लंघन है।

ये मामला कासगंज हिंसा से जुड़ा है। हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता के शव को तिरंगे में लिपटाए जाने की तस्वीर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है। इसी पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला था। कहा गया तिरंगा हर किसी व्यक्ति के शरीर को ढकने के लिए नहीं है। ये राज्य, मिलटरी, अर्धसैनिक बलों , या केंद्रीय सेवा के शहीदों के लिए इस्तेमाल हो सकता है। सिर्फ इन्ही के शरीर को तिरंगे से ढका जा सकती है। यह बात फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के सेक्शन 5 में स्पष्ट है।

विधान परिषद में उठा था तिरंगे का मुद्दा
तिरंगे में शव को लपेटने जाने का मुद्दा विधान परिषद में उठाया गया था। इस मुद्दे के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी संस्था, संगठन या संस्थान का झंडा तिरंगे के ऊपर नहीं रखा जा सकता।

26 जनवरी को कासगंज में जब हिंसा हुई उस दिन दौरान तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। कुछ लोग भगवा रंग के झंडे भी तिरंगे के साथ लेकर चल रहे थे। जो नैशनल फ्लैग कोड का उल्लंघन है।


तिरंगे से संबधिंत ये प्रश्न विधान परिषद में एसपी विधायक शशांक यादव ने पूछा था। उन्होंने सदन में मुद्दा उठाया था लेकिन इसके बजाए कानून-व्यवस्था और फर्जी एनकाउंटर्स पर चर्चा हुई। शशांक ने कहा कि उनका उठाया गया मुद्दा महत्वपूर्ण था। दरअसल उत्तर प्रदेश में नैशनल फ्लैग कोड का उल्लंघन लगतार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो जवाब दिया है उससे यह भी साबित होता है कि कासगंज में नैशनल फ्लैग कोड को तोड़ा गया। उन्हें कहा कि चंदन गुप्ता की मौत दुर्भाग्यपूर्ण थी लेकिन वह कोई सरकारी व्यक्ति नहीं था। उसका शरीर राष्ट्रीय ध्वज में नहीं लपेटा जाना चाहिए था।

 

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