UP की अर्थव्यवस्था को 1000 अरब डॉलर की बनाएगी योगी सरकार, पांच गुना जीडीपी बढ़ाने पर विचार

-जीडीपी (Gross Domestic Product) में यूपी के 8 प्रतिशत योगदान को बढ़ाने की नीति बनेगी
- पीएम मोदी (PM Narendra Modi) 26 जून को यूपी में एक करोड़ को रोजगार देने की योजना का करेंगे एलान
- प्रदेश सरकार बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट सखी योजना से महिलाओं को देगी रोजगार
- सखी योजना के लिये 430 करोड़ रुपये का रखा बजट

By: Karishma Lalwani

Updated: 22 Jun 2020, 07:57 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने लॉकडाउन के कारण कमजोर हुई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार भविष्य को ध्यान में रखते हुए रणनीतियां तैयार कर रही है। इसी कड़ी में अर्थव्यवस्था को एक हजार अरब (एक खरब) डॉलर बनाने का लक्ष्य रखते हुए प्रदेश सरकार ने एक सलाहकार नियुक्त करने का फैसला किया है। वहीं प्रदेश में जीडीपी (Gross Domestic Product) को पांच गुना बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों को रोजगार देने पर भी सरकार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जून को उत्तर प्रदेश के एक करोड़ मजदूरों व श्रमिकों को रोजगार देने की शुरुआत करेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना की शुरुआत होगी।

जीडीपी में यूपी के 8 प्रतिशत योगदान को बढ़ाने की नीति बनेगी

राज्य सरकार ने सलाहकार की नियुक्ति के लिए एक विस्तृत प्रपत्र तैयार किया है। दस्तावेज में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उसके विकास की दिशा में जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी कि जीडीपी में उत्तर प्रदेश का योगदान 8 प्रतिशत है। 2018-19 में प्रदेश का जीडीपी 230 अरब डॉलर यानी 15.80 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। पिछले साल राज्य की विकास दर सात प्रतिशत रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर की बनाने के लक्ष्य से उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है। अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद को पांच गुना तक बढ़ाना होगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक रुख के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता विकसित करनी होगी।

यूपी में एक करोड़ श्रमिकों को रोजगार

यूपी आने वाले श्रमिकों को काम की तलाश के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े इसके लिए सरकार यूपी के एक करोड़ मजदूरों व श्रमिकों को रोजगार देने की शुरूआत करेगी। 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इस योजना की शुरूआत करेंगे। मजदूरों और श्रमिकों को मनरेगा और एमएसएमई में सर्वाधिक रोजगार दिए जाएंगे।

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बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट सखी योजना से महिलाओं को रोजगार

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (Banking Correspondent Sakhi) योजना की शुरुआत की है। इस योजना के द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को रोजगार का एक बड़ा अवसर दे रही है। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए सखी की तैनाती की जाएगी। शुरू में ऐसी 58,000 सखी को लगाया जाएगा। पैसों के लेनदेन के लिए इन्हें कमीशन मिलेगा। वर्तमान में इस योजना का पहला चरण है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 35,938 स्वयं सहायता समूहों को 218.49 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड भी प्रदान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा सखी योजना के लिए 430 करोड रुपए का बजट रखा गया है।

किसे मिलेगा लाभ

इस स्कीम का लाभ उत्तर प्रदेश के गांव में रहने वाली महिलाओं को मिलेगा। ये महिलाएं गांव में लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इन पर गांव के लोगों को जागरूक करने की भी जिम्मेदारी होगी। इस स्कीम के लिए जारी किए गए फण्ड से एनजीओ में सिलाई कढ़ाई और पत्तल मसालों का निर्माण कर रही महिलाओं को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत भर्ती की गई सखियों का काम बैंकिंग सुविधाएं लोगो के घर तक पहुंचाना होगा। यह लेनदेन पूरी तरह से डिजिटल होगा। इस काम में शामिल महिलाओं को 4 से 6 हज़ार रुपए सैलरी दी जाएगी। साथ ही बैंकों द्वारा लेन-देन करने की स्थिति में कमीशन भी दिया जाएगा।

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