जहरीली शराब कांडः मृतक संख्या 86 पहुंची, दो डीएसपी समेत 13 पुलिस और आबकारी अधिकारी निलंबित

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की मदद देंगे

सरकारी कर्मचारी और अन्य की मिलीभगत के सामने आने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी
सुखबीर सिंह को जवाब- 2012 और 2016 में अकाली-भाजपा शासन में हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

By: Bhanu Pratap

Updated: 01 Aug 2020, 11:28 PM IST

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नकली शराब कांड में आज 7 आबकारी एवं कर अधिकारी और इंस्पेक्टर, पंजाब पुलिस के दो डी.एस.पी और चार एस.एच.ओ को निलंबित करके इनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना में तीन जिलों तरन तारन, अमृतसर ग्रामीण और गुरदासपुर में अब तक 82 व्यक्तियों की जान चली गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए ऐक्स-ग्रेशिया मुआवजा देने का ऐलान किया। इनमें बहुत से तरन तारन से सम्बन्धित हैं जहाँ 63 मौतें हुई हैं जबकि अमृतसर ग्रामीण में 12 और गुरदासपुर (बटाला) में 11 मौतें हुई हैं।

इन्हें किया गया निलंबित

फेसबुक पर ‘कैप्टन को सवाल’ प्रोग्राम की 13वीं कड़ी के दौरान मुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कर अधिकारी (ई.टी.ओ.) के निलंबन का ऐलान किया। गुरदासपुर से लवजिन्दर बराड़, अमृतसर से बी.एस. चाहल और तरन तारन से मधुर भाटिया शामिल हैं। इसी तरह आबकारी एवं कर इंस्पेक्टरों जिनको तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है, में रवि कुमार (गुरदासपुर), गुरदीप सिंह (अमृतसर) और फतेहबाद से पुखराज और तरन तारन जिले में तरन तारन सिटी से हितेश प्रभाकर शामिल हैं। ड्यूटी में कोताही बरतने के दोष में निलंबित किये पुलिस अधिकारियों में डी.एस.पी. जंडियाला (अमृतसर ग्रामीण) और डी.एस.पी. सब-डिवीजन तरन तारन के अलावा थाना तरसिक्का (अमृतसर ग्रामीण), सिटी बटाला (बटाला पुलिस जिला), थाना सदर तरन तारन और थाना सिटी तरन तारन के एस.एच.ओ शामिल हैं।

आबकारी विभाग की नाकामी को शर्मनाक
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी सरकारी कर्मचारी या अन्य की मिलीभगत के सामने आने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने नकली शराब बनाने और बेचने को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी को भी हमारे लोगों को जहर पिलाने की हरगिज इजाजत नहीं दी जायेगी।

नकली शराब का धंधा तुरंत बंद करो
इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का संकल्प करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी नकली शराब बेचने के धंधे में शामिल है, वह इसको तुरंत बंद कर दे या फिर गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस को दोषियों की खोज करने और इस केस में शामिल सभी व्यक्तियों पर आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। इस केस में उन्होंने बीते दिन ही डिवीजन कमिश्नर को मैजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं जिनको एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एसी गैर-कानूनी कार्यवाहियों को सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर पंजाबी की जिंदगी बेशकीमती है और कुछ अपराधियों की लालसा की भूख मिटाने के लिए वह लोगों को मौत के मुँह में नहीं जाने देंगे।

2012 और 2016 में भी हो चुकी हैं घटनाएं
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को इस दुखद घटना, जिसमें बहुत से परिवार बर्बाद हो गए हैं, का सियासीकरण न करने की अपील करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकाली-भाजपा के शासनकाल सहित पहले भी ऐसे मामले घट चुके हैं। साल 2012 और साल 2016 में क्रमवार गुरदासपुर और बटाला में भी ऐसी ही घटनाएँ घटी हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में भी कई जानें गई थीं और बटाला केस में तो एफ.आई.आर. भी दर्ज नहीं हुई थी और न ही मुख्य दोषी के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई थी।

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