रिया की औकात शब्द पर ट्रोल हुए बिहार डीजीपी ने बदला सुर

(Bihar News ) बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेशवर पांडेय (Bihar DGP ) की मुख्यमंत्री के बचाव में सुशांत आत्महत्या (Sushant Singh Rajput ) मामले में विवादित रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) पर की गई टिप्पणी अब भारी पड़ रही है। डीजीपी पांडेय (DGP changed term ) ने रिया के विरूद्ध 'औकात' शब्द का इस्तेमाल किया था। यह शब्दावली डीजीपी जैसे पद की गरिमा के अनुकूल नहीं होने के कारण पांडेय सोशल मीडिया पर घिर गए। मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा तो पांडेय अपना बयान बदलने पर विवश हो गए।

By: Yogendra Yogi

Published: 20 Aug 2020, 04:33 PM IST

मधुबनी(बिहार): (Bihar News ) बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेशवर पांडेय (Bihar DGP ) की मुख्यमंत्री के बचाव में सुशांत आत्महत्या (Sushant Singh Rajput ) मामले में विवादित रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) पर की गई टिप्पणी अब भारी पड़ रही है। डीजीपी पांडेय (DGP changed term ) ने रिया के विरूद्ध औकात शब्द का इस्तेमाल किया था। यह शब्दावली डीजीपी जैसे पद की गरिमा के अनुकूल नहीं होने के कारण पांडेय सोशल मीडिया पर घिर गए। मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा तो पांडेय अपना बयान बदलने पर विवश हो गए।

रिया ने नीतिश पर लगाया था आरोप

दरअसल रिया चक्रवर्ती ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए सुशांत केस को तूल दे रहे हैं। इसके जवाब में डीजीपी पांडेय ने कह दिया कि बिहार के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने की उनकी औकात नहीं है और उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे सुशांत सिंह मामले में आरोपी हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह सुशांत सिंह राजपूत मामले में एफआईआर में एक नामजद आरोपी हैं, यह जांच पहले मेरे अधीन थी और अब सीबीआई के पास है।'

औकात का मतलब हैसीयत भी
बिहार के डीजीपी ने सोशल मीडिया पर 'औकात' शब्द को अमर्यादित और गरिमा के प्रतिकूल बताते ट्रोल होने के बाद कहा कि इसका मतलब हैसियत भी होता है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करने की रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है। गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था, 'मुझे कोई समझा दे कि इसमें क्या अभद्र है, क्या अमर्यादित है और क्या गैर कानूनी है। मैंने कहा कि उनकी हैसियत नहीं है कि वो बिहार के माननीय मुख्यमंत्री पर रिया चक्रवर्ती कोई अभद्र, अशोभनीय टिप्पणी करें।

महिला होने की लिबर्टी नहीं होनी चाहिए
उन्होंने कहा कि अगर इससे उनको कोई तकलीफ है। उनको लगता है कि मैंने ये 'औकात' शब्द का जो इस्तेमाल किया है, उससे उनकी गरिमा को चोट पहुंची है, तो इसके लिए मुझे क्षमा मांगने में कोई संकोच नहीं है। लेकिन केवल महिला होने की लिबर्टी ये नहीं है कि आप किसी प्रांत के मुख्यमंत्री, वैसा मुख्यमंत्री जो अपनी ईमानदारी के लिए और अपनी इंसाफ पसंदी के लिए जाना जाता है, उस पर आप कोई अमर्यादित, अशोभनीय टिप्पणी करें। अगर मेरी बात से कोई तकलीफ है तो क्षमा मांगते हैं।'

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