नेपाल सीमा पर चीनी टेंट में नेपाली आर्मी, भारत अलर्ट

(Bihar News ) घाटी में चीनी सेना की (China incursion ) घुसपैठ और तनाव के बाद से नेपाल ने भारत सीमा पर ओछी हरकतें (Neapal creating problem ) करने से बाज नहीं आ रहा है। अब सीमा पर नेपाली आर्मी के (Nepali army in chinaes tents ) नये कैंप चीनी टेंट में लगाए जाने की सूचना पर भारत पूरी तरह अलर्ट हो गया है।

By: Yogendra Yogi

Published: 29 Jun 2020, 07:06 PM IST

मधुबनी(बिहार)प्रियरंजन भारती: (Bihar News ) घाटी में चीनी सेना की (China incursion ) घुसपैठ और तनाव के बाद से नेपाल ने भारत सीमा पर ओछी हरकतें (Neapal creating problem ) करने से बाज नहीं आ रहा है। अब सीमा पर नेपाली आर्मी के (Nepali army in chinaes tents ) नये कैंप चीनी टेंट में लगाए जाने की सूचना पर भारत पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इस बीच बिहार के डीजीपी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के दो थानाध्यक्षों को लापरवाही बरतने के आरोप में हटा दिया है।

बॉर्डर पर अतिरिक्त तैनाती
पूर्वी चंपारण के मैनाटांड़ प्रखंड के भारत नेपाल सीमा से सटे इनरवा, बसंतपुर, भेडिहरवा, देवीगंज और नगरदेही के सामने नेपाली आर्मी के कैंपों पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। नेपाली एटीएफ के इन कैंपों में चीन निर्मित टेंट लगाए गए हैं जिन पर चीनी भाषा में कुछ लिखा हुआ है। नेपाल के टिकही -चेरगाहां आउटपोस्ट के सामने भारत का भेटिहारी गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि ये आउटपोस्ट पहले कभी नहीं थे। ये ने कैंप लगाए गए हैं।

बॉर्डर पर अलर्ट
एसएसबी के 47 बटालियन सिक्का के इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि नेपाली आर्मी के अस्थाई कैंप पहले भी थे। बारिश में कैंप शिफ्ट किए जा रहे हैं। कहा कि 2015 में नेपाल में आए भूकंप के दौरान चीन ने टेंट सहायतार्थ दिए थे। इनका इस्तेमाल अभी बारिश से बचाव में किया जा रहा होगा। एसएसबी कमांडेंट प्रियव्रत शर्मा ने कहा कि नेपाली आर्मी के आउटपोस्ट की सूचना मिली है। बॉर्डर पर जवानों को अलर्ट कर दिया गया है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। ये कैंप मैनाटांड़ प्रखंड से लगने वाली नेपाली सीमा के टिहुकी,-चेरगाहां, बलुआ, मिर्जापुर, पांडेयपुर, विशुनपुवा आदि इलाकों में लगाए गए हैं। ये नेपाली सीमा पर लगे पिलर से सौ गज दूरी पर नेपाल सीमा के अंदर हैं।

दो थानाध्यक्षों पर गिरी गाज
इस बीच बॉर्डर पर बवाल के बाद पूर्वी चंपारण के दो थानाध्यक्षों को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जिले की सीमा पर तैनात इन थानाध्यक्षों की खराब परफोर्मंेस के आधार पर इन्हें डिमोशन के साथ चलता कर दिया। सोनबरसा थाने के राकेश कुमार और कन्हौली के राजकुमार यादव को यहां से रवाना कर दिया गया। डीजीपी ने लॉ एंड ऑर्डर ने सीमा पर जारी तनाव के बीच एक पखवाड़े के भीतर इन दोनों की गतिविधियों की समीक्षा की और अनेक शिकायतें पाईं। दोनों ही थानों में नये पुलिस अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।

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