धमतरी और गरियाबंद जिले में उत्पात मचाने के बाद वापस आया 23 हाथियों का दल, वन विभाग ने किया अलर्ट

गरियाबंद व धमतरी जिले में उत्पात मचाने के बाद 23 हाथियों का दल महासमुंद जिले के जंगलों में धमक चुका है।

By: Bhawna Chaudhary

Updated: 26 Aug 2020, 03:42 PM IST

महासमुंद. गरियाबंद व धमतरी जिले में उत्पात मचाने के बाद 23 हाथियों का दल महासमुंद जिले के जंगलों में धमक चुका है। यहां के जंगलों से निकले ये हाथी चार महीने के बाद वापस आए हैं। इस कारण कई गांव के किसानों में फिर से खलबली मच गई है।

ग्राम कोना में 23 हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। पांच किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। दल में एक शावक भी है। वर्तमान में कोरोना की पहाड़ी में हाथियों का दल ठहरा हुआ है। बताया जाता है कि हाथियों की आमद से वन विभाग ने गश्ती बढ़ा दी है। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की रात ग्राम कोना (जीवतरा) में 23 हाथी दो दल में बंटकर धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया।

किसान और ग्रामीण फिर दहशत में आ गए हैं। ग्राम कोना में बेनीराम चंद्राकर, प्यारीलाल ध्रुव, गणेश राम धुव, नेमीचंद्र चंद्राकर, गोविंद राम साहू, तुलसी राम निषाद के खेत में हाथियों ने उत्पात मचाया। हाथी भगाओ, फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि हाथियों के उत्पात से धान की फसल को क्षति पहुंची है। कोना ग्राम के लोग घर से नहीं निकल रहे हैं।

हाथी कोना के पास पहाड़ी में ठहरे हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार शावक चल नहीं पा रहा है, इस वजह से हाथी वहीं रुके हुए हैं। वन विभाग को गश्ती बढ़ानी चाहिए। महासमुंद के रेंजर मोहन मानिकपुरी ने बताया कि 23 हाथी महासमुंद क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। उनके लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है। दो दिन से गश्ती बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी घर पर ही रहने के लिए अपील की जा रही है।

Bhawna Chaudhary
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