महासमुंद में रेलवे लाइन दोहरीकरण में आई ये बड़ी चुनौती, करना पड़ सकता है मेगा ब्लॉक

इसकी वजह यह है कि लाइन दोहरीकरण से जुड़े विस्तार और विकास कार्य एक-दूसरे से उलझ रहे हैं।

महासमुंद. वाल्टेयर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। जिले में अरंड से महासमुंद और महासमुंद से बेलसोंडा तक ट्रेक दोहरीकरण कार्य लगभग पूरा हो गया है, लेकिन बीच-बीच में कई जगह काम अधूरे पड़े हैं। इसकी वजह यह है कि लाइन दोहरीकरण से जुड़े विस्तार और विकास कार्य एक-दूसरे से उलझ रहे हैं।

कहीं पुरानी संरचना आड़े आ रही है तो कहीं नई संरचना के लिए किसी तीसरे कार्य के होने की प्रतीक्षा है। ट्रेनों को प्रभावित किए बिना कार्य जल्द से जल्द पूरा करना एक चुनौती है। इन उलझनों को सुलझाने के लिए चीफ इंजीनियर ट्रेक (सीईटी) और उनके बाद चीफ रेलवे सेके्रटरी (सीआरएस) आने वाले हैं।

रेलवे सूत्रों के अनुसार सीईटी २ जनवरी को महासमुंद आने वाले थे, लेकिन किसी कारणों से नहीं आ पाए। वे यहां आकर डबल ट्रेक कार्य में आ रही बाधाओं को देखेंगे तथा डिविजन को अपनी रिपोर्ट देंगे। उनके बाद सीआरएस के आने का कार्यक्रम बन रहा है। अब तक यही कोशिश होती रही है कि काम इस तरह हो, जिससे कि ट्रेनें प्रभावित न हो और यात्रियों को कोई परेशानी न हो। लेकिन अब ऐसी संभावना बन रही है ट्रेक दोहरीकरण में आड़े आ रही सभी रुकावटों को दूर करने के लिए बेलसोंडा, महासमुंद और अरंड में एक साथ काम किया जाए।

इसके लिए रूट ब्लॉक करना भी पड़ सकता है। बहरहाल रेल विकास निगम लिमिटेड, ठेका कंपनी और रेलवे के अफसर इस पर मंथन कर रहे हैं। रेलवे लाइन दोहरीकरण से महासमुंद, बेलसोंडा स्टेशन की पूरी तस्वीर बदल रही है। इसके तहत दो महत्वपूर्ण कार्य यह हो रहे हैं कि महासमुंद का गुडशेड बेलसोंडा जा रहा है और वर्तमान गुडशेड की ओर महासमुंद स्टेशन का विस्तार हो रहा है। बेलसोंडा में १५ करोड़ की लागत से रेलवे यार्ड लगभग तैयार है, लेकिन पुराना स्टेशन भवन आड़े आ रहा है। इस भवन को तोड़कर पूरा सिस्टम नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए नए भवन में कंट्रोल पैनल स्थापना और केबल लाइन का काम किया जा रहा है।

तैयार नहीं हो पाया है फुट ओवरब्रिज
बेलसोंडा स्टेशन जब तक नई बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं होगा, बेलसोंडा गुडशेड शुरू नहीं हो पाएगा, तब तक महासमुंद में गुडशेड चालू रहेगा। गुडशेड की ओर प्लेटफार्म का विस्तार किया जा चुका है, लेकिन गुडशेड शिफ्टिंग जब तक नहीं होगी, यात्री गाडिय़ों को इंट्री नहीं मिलेगी और प्लेटफार्म नंबर दो का उपयोग फिलहाल जारी रहेगा। जबकि इस प्लेटफार्म को तोड़कर उसके पीछे की ओर स्टेशन का चौड़ीकरण किया जाना है। यह प्लेटफार्म नई लाइन के बीचो-बीच आ रहा है। दो नंबर को प्लेटफार्म का उपयोग जब तक होता रहेगा तब तक इस नई लाइन का काम भी पूरा नहीं होगा। रेलवे लाइन दोहरीकरण से स्टेशन चौड़ा होगा तो वर्तमान फुट ओवरब्रिज भी टूटेगा, लेकिन नया फुट ओवरब्रिज अभी तैयार नहीं हो पाया है। इस तरह कई काम एक-दूसरे से उलझे हुए हैं।

रेलवे क्रासिंग पर अटका डबल ट्रेक का काम
जहां-जहां रोड-रेलवे क्रासिंग हैं, वहां डबल ट्रेक का काम अटका हुआ है। महासमुंद से बेलसोंडा के बीच प्रमुख दो रेलवे क्रासिंग है। तुमगांव रोड रेलवे क्रासिंग पर करीब ३३ करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। वहीं बेलसोंडा क्रासिंग पर ४० करोड़ के प्रस्तावित ओवरब्रिज का अता-पता नहीं है। क्रासिंग पर डबल ट्रेक बिछाने के लिए रोड ट्रैफिक को डाइवर्ट करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस पर दिन-रात वाहनों का दबाव रहता है।

मार्च तक होने की उम्मीद
रेलवे लाइन दोहरीकरण में छुट-पुट कई बाधाएं हैं। रेलवे के शीर्ष अधिकारी इसका जायजा लेने के लिए आने वाले हैं। उम्मीद है फरवरी-मार्च तक काम पूरा जाएगा।
यू राम, स्टेशन अधीक्षक, महासमुंद

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चंदू निर्मलकर Desk
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