अब नहीं भरना पड़ेगा उपयोग से ज्यादा बिजली बिल, अब ऐसे होगी मीटरों की रीडिंग

अब होगी कैमरे वाली रीडिंग मशीन से मीटर रीडिंग

By: Deepak Sahu

Published: 24 May 2018, 12:58 PM IST

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अब कैमरे वाली रीडिंग मशीन की शुरुआत हो गई है। जांजगीर-चांपा जिले में कैमरे वाली रीडिंग मशीन से मीटर रीडिंग का ट्रायल सक्सेस होने के बाद अब महासमुंद जिले में भी इसकी शुरुआत हो गई है। इस सुविधा से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है।

नई व्यवस्था से मीटर की फोटो
मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारी अब नई व्यवस्था के तहत मीटर की फोटो लेंगे। कैमरे वाली मशीन से रीडिंग होने से कई तरह के फायदे होंगे। बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता एके गोपावार के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में लगातार शिकायत आती रही है कि स्पॉट बिलिंग होने के बाद भी रीडिंग करने वाले नहीं आते और अपनी मर्जी से कुछ भी बिलिंग कर देते है।

रीडरों को उपभोक्ताओं के घरों जाना होगा अनिवार्य
कैमरे वाली मशीन में मीटर का फोटो खींचना अनिवार्य होने के कारण अब रीडरों को उपभोक्ताओं के घरों तक जाना ही होगा। मीटर की फोटो होने के कारण अगर कोई उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत लेकर बिजली विभाग के दफ्तर में आता है, तो मीटर की फोटो देखकर किसी भी तरह की गड़बड़ी का आसानी से पता लगाया जा सकता है। मीटर की फोटो लेने के कारण गड़बड़ी और बिजली चोरी का भी पता चलेगा।

कोई भी गड़बड़ी पता चल सकती है
उपभोक्ता मीटर की सील तोडक़र बिजली चोरी करते हैं और रीडरों को इसकी जानकारी बिजली विभाग को न देने के लिए कुछ पैसे दे दिए जाते हैं। अब कोई भी रीडर ऐसा नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही यह भी पता चल पाएगा कि किसी का मीटर बंद तो नहीं है या मीटर जल गया है और बिजली सीधे जलाई जा रही हो। अब तक जिन मशीनों से स्पॉट बिलिंग हो रही है, वो बिजली विभाग ने खरीदी है, लेकिन अब जिस कंपनी को कैमरे वाली मशीनों से रीडिंग का ठेका दिया गया, वो कंपनी मशीनों की व्यवस्था खुद करेगी।

शुरुआत हो चुकी है
कार्यपालन अभियंता, एके गोपावार ने बताया कैमरे वाली रीडिंग मशीन से अब मीटर रीडिंग की शुरुआत हो गई है। बिजली बिल में शिकायत आती है तो दोबारा जांच की जा सकती है। मीटर रीडर भी मनमर्जी नहीं कर पाएंगे।

Deepak Sahu
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