राफेल विमान घोटाले के विरोध में कांग्रेसियों ने नेहरू चौक पर किया धरना-प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

राफेल विमान घोटाले के विरोध में कांग्रेसियों ने नेहरू चौक पर किया धरना-प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Deepak Sahu | Publish: Sep, 12 2018 06:04:04 PM (IST) Mahasamund, Chhattisgarh, India

सभा समाप्ति के बाद धरना स्थल पर ही तहसीलदार भागीरथी खांडे को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

महासमुंद. डसॉल्ट एविएशन, फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीदी में हुए फर्जीवाड़े के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने स्थानीय नेहरू चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। सभा समाप्ति के बाद धरना स्थल पर ही तहसीलदार भागीरथी खांडे को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा फ्रांस की कंपनी से भारत की रक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाली एयरोनॉटिक इंडिया के साथ समझौता कराया था। इसके तहत प्रत्येक राफेल विमान की कीमत 526 करोड़ रुपए तय की गई थी।

जिसे मोदी सरकार ने सारे नियमों को दरकिनार करते हुए बगैर निविदा के अपने उद्योगपति मित्र को लाभ पहुंचाने के लिए विमान निर्माण का ठेका 16 सौ करोड़ रुपए में देकर और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर ने कहा कि केंद्र की सरकार रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार करके यह बता दिया कि ये लोग देशहित में कार्य नहीं कर सकते। जिलाध्यक्ष आलोक चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा, लेकिन इसके विपरीत रक्षा सौदे में हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार राफेल विमान खरीदी में अपने मित्र अंबानी के साथ करा कर यह सिद्ध कर दिया कि खुद भी खा रहे हैं और अपने लोगों को भी खिला रहे हैं।

धरने का संचालन जिला के प्रभारी महामंत्री हरदेव सिंह ढिल्लो ने किया एवं आभार प्रदर्शन जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र दुबे ने किया। धरने को देवेंद्र बहादुर सिंह, मकसूदन चंद्राकर, अमरजीत चावला, राजेंद्र चंद्राकर, कृष्णा चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, जसवीर सिंह ढिल्लो, हुलास गिरी गोस्वामी, इश्तियाक खैरानी, हेमसागर पटेल, डॉ. रश्मि चंद्राकर, उषा पटेल, रंजीत कोसरिया ने भी संबोधित किया।

congress news

भ्रष्टाचार का खेल जनता के सामने आया
डसॉल्ट एविएशन, फांस से 36 राफेल लड़ाकू जहाज की खरीदी में केंद्र की भाजपा सरकार ने गड़बड़झाला किया है। मोदी की सरकार ने देशहित को दांव पर लगाकर सरकारी खजाने को नुकसान और अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाया है। मोदी सरकार ने भारत सरकार की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को दरकिनार कर दिया। यह आरोप प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शिव डहरिया ने प्रेसवार्ता के दौरान लगाया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही कहा था कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा, लेकिन राफेल घोटाले का सच जनता के सामने है।

इससे भाजपा की केंद्र सरकार का भ्रष्टाचारी चेहरा सामने आ गया। शुरुआत में घोटाले के संबंध में केंद्र व राज्य सरकार कुछ नहीं कर रही थी।लेकिन लोकसभा व राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद भ्रष्टाचार का खेल जनता के सामने आया। डहरिया ने बताया कि एक राफेल लड़ाकू विमान की कीमत 526.110 करोड़ रुपए थी। उसे लगभग 16000 करोड़ में खरीदा गया। इसके बाद 36 सौ करोड़ रुपए का ऑफसेट कांट्रेक्टर सरकारी कंपनी एचएएल से छिनकर अपने एक मित्र की निजी कंपनी को दे दिया। जबकि उन्हें लड़ाकू विमान निर्माण का अनुभव तक नहीं है।केंद्र सरकार ने डिफेंस प्रोक्योरमेंट प्रोसीजर की अनिवार्य शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया गया है।

एक दिवसीय धरने में ये रहे उपस्थित
श्याम सुंदर ऐरन, पार्वती चौहान, राजा सोनी, प्रदीप चंद्राकर, अभय सोनवानी, नारायण नामदेव, तौकीर दानी, सनी महानंद, सचिन गायकवाड़, राजेश सोनी, आवेज खान, सागर डोंगरे, कुलवंत खनूजा, गुरु ढिल्लो, नीलू साहू, महेंद्र साहू, लक्ष्मण कुमार साहू, सतीश भोई, सेवाराम साहू, शोभाराम पटेल, आसाराम मोंगरे, दिनेश रावल, महपाल सिंह जटाल, हराधन साहू, प्रदीप प्रधान, रमेश दास, तरुण भड़तिया, गिरवर साहू, मनोहर दास महेश्वरी, रूपा बसंत, मुन्ना ठाकुर, गोदावरी बाई, बलवंत साहू, बलदाऊ बंदे, भारत बुंदेला, सुशील जाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned