जिला पंचायत ने डाटा इंट्री ऑपरेटरों को हटाया, रोजगार दिलाने कलक्टर से लगाई गुहार

जिला पंचायत ने डाटा इंट्री ऑपरेटरों को हटाया, रोजगार दिलाने कलक्टर से लगाई गुहार

Deepak Sahu | Publish: Aug, 30 2018 05:00:00 PM (IST) Mahasamund, Chhattisgarh, India

कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को जिला पंचायत हटा दिया है।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में जनपद पंचायतों में नरेगा शाखा में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को जिला पंचायत हटा दिया है। इस कारण उनके सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई।

जनदर्शन में आए लोगों ने बताया कि वे कलक्टर दर पर जनपद पंचायतों के नरेगा शाखा में सेवाएं दे रहे थे, लेकिन जिला पंचायत सीईओ ने 21 अगस्त को बिना किसी कारण के समस्त जनपद पंचायत में कार्यरत ऑपरेटरों को काम पर नहीं आने के लिए निर्देशित कर दिया। जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायतों में कलक्टर दर पर 51 डाटा इंट्री ऑपरेटर और 31 अतिरिक्त रखे गए ऑपरेटर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अचानक से काम से हटाए जाने का कारण भी स्पष्ट नहीं बताया गया। इस संबंध में जिला पंचायत महासमुंद के सीईओ ऋतुराज रघुवंशी ने बताया कि कम्प्यूटर ऑपरेटरों को कलक्टर दर पर स्काई योजना के तहत डाटा इंट्री कार्य के लिए अस्थायी तौर पर रखा गया था। 21 अगस्त को उनका काम पूरा हो गया।

पीएम आवास की सूची में चहेतों के नाम
ग्राम साराडीह में फर्जी पंचायत प्रस्ताव बनाकर अपने करीबियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राही बनाने का आरोप गांव वालों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव और चपरासी द्वारा फर्जीवाड़ा कर अपात्र लोगों को पात्रता सूची में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मंगलवार को जनदर्शन में कलक्टर से की है। इस बारे में गांव के सचिव आशाराम निषाद का कहना है कि गांव में पीएम आवास के लिए बनाई गई सूची में 68 लोगों का नाम था।

इसके बाद जुलाई में छुटे हुए लोगों के लिए बनाई गई सूची में 229 लोगों के नाम थे। वहीं गांव वालों का कहना है कि पहले से जो सूची बनी है, उसमें सभी पात्र लोगों के नाम हैं, लेकिन नई सूची में अपनी मनमर्जी से और बिना सरपंच की सहमति के अपात्र लोगों के नाम जोड़े गए हैं। इसलिए गांव वालों की मांग है कि आवेदनों की सही जांच हो और स्थल निरीक्षण के बाद ही पात्रता सूची जारी किया जाए।

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