दंतैल को सामने देख किसान के उड़े होश, ट्रैक्टर से कूदकर बचाई जान

टै्रक्टर के सामने एक दंतैल आ धमका। दंतैल को करीब आते देख किसान ने टै्रक्टर को रोका और मंदिर में छिपकर अपनी जान बचाई।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के लहंगर-गुड़रूडीह के बीच कोसमनाला के पास टै्रक्टर के सामने एक दंतैल आ धमका। दंतैल को करीब आते देख किसान ने टै्रक्टर को रोका और मंदिर में छिपकर अपनी जान बचाई। टै्रक्टर में धान लोड था, इसमें से पांच बोरा धान दंतैल खा गया।

किसान नारायण पटेल ने बताया कि टै्रक्टर में धान लोड कर गुड़रूडीह से लहंगर जा रहा था। सुबह 11 बजे आस-पास कोसमनाला के पास पहुंचा ही था कि अचानक एक दंतैल टै्रक्टर के सामने आ गया। दंतैल को देखते ही होश उड़ गए। टै्रक्टर को रोका और किसी तरह वहां से भागकर मंदिर में छिपकर जान बचाई। इस बीच दंतैल पांच बोरा धान खा गया था।

फिर इसकी सूचना वन अमले को दी गई। गजराज वाहन एक घंटे के बाद मौके पर पहुंचा। मशाल जलाकर दंतैल को खदेड़ा गया। हाथी भगाओ, फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि हाथी की वजह से लगभग डेढ़ घंटे तक रूट प्रभावित रहा। लोगों की आवाजाही अटकी रही। हाथियों का समूह अब दल में बंट गया है। दंतैल अलग घूम रहे हैं, इसलिए दहशत बरकरार है। लहंगर, गुड़रूडीह के बीच कोसमनाला और सीताकुंड के पास 23 हाथी विचरण कर रहे हैं। वन विभाग का अमला 24 घंटे गश्ती कर रहा है, लेकिन फसल बर्बादी नहीं रुक रही है।

पिछले दिनों भी लहंगर-गुड़रूडीह मार्ग पर दंतैल के धमकने से आवाजाही प्रभावित हुई थी। अभी परसाडीह में हाथियों के कारण लोग दहशत में हंै। किसानों को राहत नहीं मिल रही है। बताया जाता है कि ग्रामीणों ने वन मंडल से कई बार गश्त दल की सूची देने की मांग की, लेकिन अब तक ग्रामीणों को सूची नहीं दी गई है। सही समय पर वन अमले के नहीं पहुंचने की बात भी सामने आ रही है। इससे किसानों में आक्रोश है।

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Bhawna Chaudhary
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