छत्तीसगढ़ में है महिला शक्ति समृद्धि बाजार, हो रहा है ये क्रांतिकारी परिवर्तन

Chandu Nirmalkar

Publish: Feb, 15 2018 03:27:32 PM (IST)

Mahasamund, Chhattisgarh, India
छत्तीसगढ़ में है महिला शक्ति समृद्धि बाजार, हो रहा है ये क्रांतिकारी परिवर्तन

अत्याचार की घटना से उनकी जिंदगी ही उनके सामने एक बड़ी चुनौती बन जाती है।

महासमुंद. घर हो या बाहर भेद आधारित अत्याचार की शिकार होने के बाद पीडि़त महिलाओं को जीवन में कदम-कदम पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अत्याचार की घटना से उनकी जिंदगी ही उनके सामने एक बड़ी चुनौती बन जाती है।

ऐसी पीडि़त महिलाओं की सहायता के लिए विशेष रूप से स्थापित सखी वन स्टॉप सेंटर भी अपने क्षेत्राधिकार में एक सीमा तक ही उनकी मदद कर पाता है। ऐसी महिलाओं की पीड़ा का समूल निदान कैसे हो, इस दिशा में विचार करते हुए महिला शक्ति समृद्धि बाजार की परिकल्पना की जा रही है। केन्द्र प्रशासक के नेतृत्व में सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम विशेष रुचि लेकर महिला शक्ति समृद्धि बाजार का प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसे कलक्टर के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। योजना का उद्देश्य और लक्ष्य स्पष्ट है, इसे किस तरह हासिल करेंगे इस पर मंथन चल रहा है।

जमीन की होगी जरूरत
महिलाओं को विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करने और विक्रय कर आर्थिक स्वावलंबन हासिल करने के लिए एक प्लेटफार्म दिया जाएगा। योजना है कि महासमुंद जिला मुख्यालय में किसी एक स्थान पर भूमि सुरक्षित कर महिला शक्ति समृद्धि बाजार विकसित किया जाएगा, जहां महिलाओं को कार्य-व्यवसाय का अवसर दिया जाएगा। यह एक ऐसा बाजार होगा, जहां महिलाएं अपने हाथों से घरेलू उपयोग की तमाम चीजें बनाएंगी और बेचेंगी। यदि ऐसा होता है तो घर से बाजार के लिए निकलने वाले लोग एक बार महिला शक्ति समृद्धि बाजार जरूर जाएंगे। यह परिकल्पना साकार हुई तो अत्याचारों से सिसकती महिलाओं के आंसू पोछने और उनकी जिंदगी में हंसी-खुशी लाने वाला क्रांतिकारी कदम होगा।

कौशल दक्षता के साथ रोजगार में आगे बढ़ेगी
महिला शक्ति समृद्धि बाजार ऐसी पीडि़त महिलाओं के लिए जिंदगी संवारना का एक बड़ा सहारा हो सकता है। योजना है कि पीडि़त महिलाओं को पहले उनके योग्यता और अभिरुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर उन्हें सहकारी भावना के अनुरूप आर्थिक मदद पहुंचाते हुए काम-रोजगार दिया जाएगा। बड़ी, बिजौरी, पापड़ निर्माण से लेकर सिलाई-कढ़ाई, हस्त शिल्प , आदि गृह और कुटीर उद्योगों में दक्षता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सिलाई सीखने वाली महिला को मशीन दी जाएगी, कपड़ा दिया जाएगा और रेडीमेड वस्त्र तैयार कर बेचने के लिए बाजार भी दिया जाएगा।

तय किया है, हम परिणाम लाएंगे
हमने तय किया है, हम परिणाम लाएंगे। केवल क्षतिपूर्ति या कौशल प्रशिक्षण देकर पीडि़त महिलाओं को उनके हाल पर छोड़ देना कोई हल नहीं है। हम बड़े लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं, शासन-प्रशासन व सबके सहयोग से महिला समृद्धि बाजार जरूर साकार होगा।
टी ज्योति दुर्गा राव, केन्द्र प्रशासक, सखी वन स्टॉप सेंटर

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