किशोरी शक्ति के बंद होने के बाद प्रशासन की नई योजना, बालिकाओं की मिलेगी सुविधाएं

किशोरी शक्ति के बंद होने के बाद प्रशासन की नई योजना, बालिकाओं की मिलेगी सुविधाएं

Deepak Sahu | Publish: Aug, 12 2018 01:57:53 PM (IST) Mahasamund, Chhattisgarh, India

किशोरी शक्ति योजना के फ्लॉफ होने के बाद अब राज्य सरकार ने स्कूल से विमुख शाला त्यागी बालिकाओं के लिए एक नई सबला योजना प्रारंभ की है

महासमुंद. किशोरी शक्ति योजना के फ्लॉफ होने के बाद अब राज्य सरकार ने स्कूल से विमुख शाला त्यागी बालिकाओं के लिए एक नई सबला योजना प्रारंभ की है। इसके तहत 11 से 16 वर्ष की शाला त्यागी बालिकाओं के पूरक पोषण आहार के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस किया गया है।

सबला योजना से लाभान्वित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने 239 शाला त्यागी बालिकाओं का चयन भी कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पूर्व में शाला त्यागी एवं स्कूली बालिकाओं का भविष्य संवारने के लिए वर्ष 2006-07 में किशोरी शक्ति योजना की शुरुआत की गई थी।

इस योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण शाला त्यागी बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। जिले के हजारों बालिकाओं को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा था। विभागीय अफसरों के मुताबिक इस योजना से 44 हजार शाला त्यागी और स्कूल बालिकाओं को पूरक पोषण आहार मिलता था। सरकार की मंशा थी कि किशोरी बालिकाओं के पोषण, स्वास्थ्य और विकास की स्थिति में सुधार करना, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और पारिवारिक देखभाल, जीवन कौशल सीखने, स्कूल जाने व मदद करने के अवसरों से जोड़ा जाए। केंद में सरकार बदलते ही यह योजना बंद हो गई। अब केंद्र सरकार ने केवल शाला त्यागी बालिकाओं के लिए सबला योजना प्रारंभ की है। शाला त्यागी बालिकाओं को ढूंढऩे का प्रयास महिला एवं बाल विकास विभाग ने शुरू कर दिया है। अब देखना यह है कि क्या इस योजना का बालिकाओं को मिलेगा या नहीं।

कार्यकर्ता व सहायिकाओं को दी जा रही टे्रनिंग
सबला योजना से बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए जिले में सर्वे शुरू हो गया है। इसके तहत अब तक महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब तक 239 शाला त्यागी बच्चों का चिन्हांकन कर लिया है। जानकारी के मुताबिक शाला त्यागी बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में ढूंढना टारगेट है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एमडी नायक ने बताया कि सर्वे समाप्त होने के बाद जल्द ही कार्यकर्ता व सहायिकाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। बाद चिन्हांकित बालिकाओं का समूह बनाकर उन्हें पूरक पोषण आहार के साथ-साथ आईएफए टैबलेट वितरण, स्वास्थ्य जांच एवं पोषण शिक्षा, लाइफ स्किल शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मिलेगा पोषण आहार
सबला योजना के अंतर्गत 11 से 1६ वर्ष आयु की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन ५ रुपए के मान से पूरक पोषण आहार प्रदान किया जाएगा। पूरक पोषण आहार पर होने वाले वास्तविक व्यय 50 प्रतिशत केन्द्र द्वारा तथा 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। जिले में इस योजना से बालिकाओं से लाभान्वित करने की तैयारी शुरू हो गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ एमडी नायक ने कहा कि किशोरी शक्ति योजना बंद होने के बाद अब सबला योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत शाला त्यागी बालिकाओं को पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य के साथ शिक्षा भी दी जाएगी।

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