सरकार की इस योजना के जरिए अब बिना राशन कार्ड के भी मिलेगा अनाज, बस करना होगा ये काम

सरकार की इस योजना के जरिए अब बिना राशन कार्ड के भी मिलेगा अनाज, बस करना होगा ये काम

Deepak Sahu | Publish: Oct, 13 2018 03:54:59 PM (IST) Mahasamund, Chhattisgarh, India

आधार नंबर से वास्तविक हितग्राहियों को राशन मिलेगी, फर्जी तरीके से लोग खाद्यान नहीं ले सकेंगे

महासमुंद. उचित मूल्य की दुकान में अब हितग्राहियों को आधार आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम से राशन मिलेगा। इसके लिए खाद्य विभाग द्वारा प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिलेभर के लाखों राशन कार्डधारियों का आधार विभाग द्वारा लिंक किया गया है। कुछ दुकानों में यह प्रकिया शुरु भी हो गई है। जिले के सभी दुकानों में यह प्रक्रिया शुरू होते ही राशन वितरण की गड़बड़ी रोकने में विभाग को सफलता मिलेगी।

बायोमेट्रिक राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी को खाद्य विभाग नहीं रोक पा रहा था। उचित मूल्य की दुकानों में बायोमेट्रिक आधारित राशन वितरण व्यवस्था कारगर साबित नहीं हो पायी। नेटवर्क नहीं मिलने के कारण ज्यादातर राशन वितरण का कार्य आफ लाइन पद्वति से किया गया। इस पद्वति में भारी गड़बड़ी देखने को मिल ।

पीडीएस में गरीबों का राशन कार्ड अपात्रों द्वारा उड़ाए जाने और दुकानदारों द्वारा कालाबाजारी की शिकायतों के बाद पादर्शिता लाने के लिए लगातार इस बार नई पद्वति से राशन वितरण की योजना बनाई है। जिसमें आधार अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत हितग्राही अथवा उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति केवल अपना आधार नंबर बताकर राशन प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम की तैयारी की जा रही है।

इस सिस्टम में राशन लेने के लिए दुकान कार्ड लेकर जाने की भी मजबूरी नहीं रहेगी। यह सिस्टम लागू होने के बाद हितग्राहियों को ऑफ लाइन खाद्यान वितरण नहीं किया जाएगा। खाद्य विभाग के अफसरों के मुताबिक यह सिस्टम 163 गांवों में लागू कर दी गई है। जल्द ही सभी दुकानों में यह सिस्टम लागू होगी। आधार नंबर से वास्तविक हितग्राहियों को राशन मिलेगी, फर्जी तरीके से लोग खाद्यान नहीं ले सकेंगे।

इस योजना में यूनिट प्रमाणित है, उसी के आधार पर आवंटन जारी होगा। इससे यूनिट में गड़बड़ी की आशंका खत्म हो जाएगी। वर्तमान में बायोमेट्रिक के साथ एन्ड्रायड आधारित कोर पीडीएस से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इसके लिए हितग्राही को राशनकार्ड लेकर आना होता है। राशन कार्ड के आधार पर मोबाइल पर जरूरी जानकारी दर्ज की जाती है और खाद्यान लेने वाले की फोटो ली जाती है।

यह सीधे खाद्य विभाग के सर्वर में दर्ज होता है। इस सिस्टम में गलत आदमी राशन तो नहीं ले जा रहा। इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो पाती है। इसके कारण नई सिस्टम प्रारंभ की जा रही है। इस सिस्टम को प्रांरभ करने के लिए सबसे पहली पक्रिया आधार लिंक का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं शहरी क्षेत्रों के कार्डधारियों का भी आधार लिंक हो चुका है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले २ लाख 85 हजार कार्डधारी है। वहीं जिले में ५७९ उचित मूल्य की दुकान है।

मेरी मर्जी योजना का ग्रामीणों का इंतजार
मेरी मर्जी योजना का ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं। शहरीय क्षेत्र में मेरी मर्जी योजना का क्रियान्वयन हो चुका है। इस योजना के तहत कोई भी कार्डधारी शहर के किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राशन खरीद सकता है। यह योजना जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रारंभ होने वाली थी, लेकिन इस वर्ष विधानसभा चुनाव के कारण ६ अक्टूबर को अचार संहिता लग गया। इस कारण योजना ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाई। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना लागू होने से हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। कई गांव ऐसै है जहां 20 किमी दूर तक राशन लेने ग्रामीण जाते हैं।

इस तरह काम करेगा सिस्टम
नई प्रणाली के लिए राशन दुकान संचालकों को पाइंट आफ सेल सिस्टम वाली बायोमेट्रिक डिवाइस दिया जाएगा। इस डिवाइस को खाद्य विभाग के ऑनलाइन सर्वर से जोडा जाएगा। डिवाइस पर हितग्राही के उंगली रखते ही आधार नंबर के साथ परिवार में यूनिट संख्या, खाद्यान्न की मात्रा सहित सभी जानकारी की पर्ची निकल आएगी। इसके आधार पर हितग्राही को खाद्यान दे दिया जाएगा। खाद्यान्न वितरण व्यवस्था के लिए जिले में सालभर से तैयारी की जा रही है। हितग्राहहियों के आधार नंबर लिंक किए जा रहे हैं।

महासमुंद के खाद्य अधिकारी अजय यादव ने कहा कि आधार के अनुसार कार्डधारियों को राशन लेने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में 163 गांवों में यह सिस्टम प्रारंभ हो गया है। इसके तहत आधार लिंक का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। नेटवर्क नहीं होने के कारण कार्य प्रक्रिया पूरी नहीं हो पार रही है। जल्द ही सभी दुकानों में नए सिस्टम से राशन का वितरण होगा।

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