सरपंच ने की कलक्टोरेट में शिकायत, उठाव कार्य नहीं होने से खरीदी केंद्रों में धान जाम

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्रों में आवक बढऩे से धान जाम हो गया है।

By: Deepak Sahu

Published: 03 Jan 2019, 02:12 PM IST

महासमुंद. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्रों में आवक बढऩे से धान जाम हो गया है। उठाव की गति में तेजी नहीं आने के कारण समितियों की भी परेशानी बढ़ गई है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कुल 35 लाख 44 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इसमें 22 लाख क्विंटल धान का उठाव हो चुका है। जबकि, 13 लाख क्विंटल धान का उठाव शेष है। परिवहन शीघ्र नहीं हुआ, तो व्यवस्था बिगड़ भी सकती है। ज्ञात हो कि जिले में लगभग 1 लाख 17 हजार किसान पंजीकृत हैं।

लगभग 64 हजार किसान अब तक धान बेच चुके हैं। 31 जनवरी 2018 तक धान की खरीदी होगी। अभी भी 53 हजार किसान धान बेचने के लिए खरीदी केंद्रों में नहीं पहुंचे हैं। पिछले कुछ दिनों से धान खरीदी केंद्रों में आवक बढ़ी है। वहीं सिरपुर इलाके के गांवों के किसान हाथियों के उत्पात से त्रस्त हो गए हैं। दूसरे-तीसरे रोज हाथी खलिहान में पहुंच रहे हैं और धान को खा जा रहे हैं। एक जनवरी की रात लहंगर सोसाइटी में एक दंतैल तीन क्विंटल धान चट कर गया। खरीदी केंद्रों में भी हाथियों की धमक से किसान डरे हुए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में भारी अव्यवस्था
जिले के धान खरीदी केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्था से किसान नाराज हैं। कहीं धान का उठाव नहीं होने से पैर रखने की जगह नहीं है, तो कहीं तौलाई और बोरों की गिनती करने में भी पैसे मांगने की शिकायत मिल रही है। बिरकोनी सरंपच टूपसिंग निषाद ने बताया कि धान खरीदी केंद्र बिरकोनी में भारी अव्यवस्था है। कलक्टोरेट में ज्ञापन देकर व्यवस्था सुधारने की मांग की गई है।

उनका कहना है कि धान भराई से लेकर स्टेकिंग करने की व्यवस्था समिति की है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। किसान ही बोरों में धान भर रहे हैं। बताया जाता है कि बिरकोनी सोसाइटी में धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि समितियों को प्रति क्विंटल 9 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि रस्सी, स्टेक की व्यवस्था आदि के लिए होती है। इसके बावजूद समितियों में किसानों को परेशान किया जा रहा है, जो उचित नहीं है।

नोडल अधिकारी डीएल नायक ने बताया कि अब तक 13 लाख क्विंटल धान का उठाव शेष है। वहीं समितियों में किसानों से बोरों में धान भरवा रहे हैं, तो इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो करवाई जाएगी।

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