हजारों लोगों का अब भी नहीं बना स्मार्ट कार्ड, फिर लगाए जाएंगे शिविर

हजारों लोगों  का अब भी  नहीं बना स्मार्ट कार्ड, फिर लगाए जाएंगे शिविर

Deepak Sahu | Publish: Sep, 03 2018 08:00:00 PM (IST) Mahasamund, Chhattisgarh, India

जिला अस्पताल में स्मार्ट कार्ड बनाने की सुविधा दी गई थी, इसके बाद भी हजारों लोगों का कार्ड नहीं बन पाया।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्मार्ट कार्ड बनाने से वंचित रह गए लोगों के लिए 30 अगस्त तक जिला अस्पताल में कार्ड बनाने की सुविधा दी गई थी, इसके बाद भी हजारों लोगों का कार्ड नहीं बन पाया। नया कार्ड बनाने के लिए पिछले साल लोक सुराज के समय आवेदन लिए गए थे।

आवेदनकर्ताओं के लिए अप्रेल से लेकर 10 अगस्त तक गांव-गांव में शिविर लगाकर स्मार्ट कार्ड बनाने की सुविधा दी गई। इसके बाद भी हजारों लोग इस योजना का लाभ नहींं ले पाए। दो बार समय बढाने के बाद भी हजारों लोगों के कार्ड अभी भी नहीं बन पाए है इसलिए 4 से 10 सिंतबर तक फिर से शिविर लगाए जाएंगे। पूरे जिले से 53 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से महासमुंद विकास खण्ड में सबसे ज्यादा 20893, बागबहरा से 5462, बसना से 8811, पिथौरा से 9810, और सराईपाली से 8600 आवेदन शामिल है। इनमें से 36 हजार स्मार्ट कार्ड बना कर दे दिए गए है। बाकी के लोगों का स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाया है।

 

smart card

पहले से बने हैं ढाई लाख से ज्यादा कार्ड
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 2016 में जब योजना की शुरुआत हुई थी उस समय तकरीबन 4 लाख स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए सर्वे हुआ था। सर्वे के मुताबिक लोगों ने स्मार्ट कार्ड बनाने में रुची नहीं दिखाई। इसलिए सिर्फ 2,74,446 स्मार्ट बन पाया था। ज्यादा लोगों को योजना का लाभ देन केलिए फिर से कार्ड बनाने के लिए आवेदन लिए गए। जिसमें भी उम्मीद से कम लोगों ने आवेदन दिया। ज्ञात हो इस मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पहले कार्डधारी के साथ उसके परिवार के 4 लोगों के लिए 30 हजार तक ईलाज कराने पर अस्पतालों में किया जाता था। बाद में इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया। पहले से तय बीमारियों के ईलाज के साथ ही अब दांतों के ईलाज (बीडीएस) को भी बीमा योजना में शामिल कर लिया गया है।

स्मार्ट कार्ड प्रभारी, ओमप्रकाश धुरंधर ने बताया जिन लोगों का कार्ड नहीं बन पाया था उसके लिए 4 से 10 सिंतबर तक फिर से शिविर लगेगा। आवेदन करने वाले अपनी सूची, नाम और यूआरएन की जानकारी टोल-फ्री नंबर में पता करने के बाद शिविर में आएंगे, तो कार्ड बनाने में आसानी होगी।

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