आयुष्मान कार्ड से 114 प्रकार की बीमारियों का नहीं हो रहा इलाज, अस्पतालों में भटक रहे मरीज

पहले आयुष्मान योजना से 1760 प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता था। लोगों को अब ईलाज के लिए अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ रही है।

महासमुंद . आयुष्मान भारत योजना से 114 प्रकार की बीमारियां बाहर हो गई हैं। इन बीमारियों का इलाज नहीं हो रहा है। जिले के लोग विभिन्न निजी अस्पतालों में जा जरूर रहे हैं, लेकिन इसका लाभ भी नहीं मिल रहा है। आयुष्मान योजना से 1760 प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता था। लोगों को अब ईलाज के लिए अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ रही है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत बंद किए गए पैकेज से मरीजों में चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य की व्यवस्था नहीं है, इस वजह से लोग निजी अस्पतालों में बेहतर ईलाज के लिए जाते हैं, लेकिन लोगों को निराश होना पड़ रहा है। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 2 लाख 94 हजार पंजीकृत हैं। आयुष्मान भारत का कार्ड भी जिला अस्पताल और निजी अस्पताल में भर्ती होने पर ही बनाया जाता है। आयुष्मान भारत के कार्ड जिला अस्पताल में आए जरूर थे, लेकिन उसका वितरण अब तक नहीं हो पाया है। ई-कार्ड ही लोगों को दिया जा रहा है। ई-कार्ड मरीजों को अस्पताल में राशनकार्ड, आधार कार्ड, परिचय पत्र दिखाने पर ही दिया जाता है। वहीं जिले में 55 हजार स्मार्ट कार्ड बनाए गए हैं। नए स्मार्ट कार्ड भी नहीं बनाए जा रहे हैं। कई हितग्राही अभी भी नए कार्ड बनाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार जो सुविधाएं सरकारी अस्पताल में पहले से मौजूद हैं और इसका इलाज किया जा रहा है ऐसी बीमारियों को ही हटाया गया है। जैसे आंखों की जांच और दंातों से संबंधित बीमारी व मलेरिया, हार्निया, डिसेंट्री जैसी बीमारियों को हटाया गया है, जिन बीमारियों का ईलाज शासकीय अस्पतालों में हो जाता है। गौरतलब है कि आयुष्मान योजना केंद्र सरकार की योजना है।

इनका इलाज बंद
मलेरिया, हार्निया, डिसेंट्री, न्यूरो मस्क्यूलर डिस्ऑर्डर, हाईड्रोसिल, एचआईवी विथ कॉपलिकेशन, पुरुष नसबंदी, एमटीपी 12 वीक, गांठ संबंधित बीमारी, इनफेक्टेट बनियन फुट, रेनल कॉलिक, यूटीआई, रक्तवाहिका प्रदाह, आंतो का बुखार, गैंगिलियन लार्ज व स्मॉल एक्सीशिन, डेंटल से संबंधित, आंखों से संबंधित बीमारियों का इलाज आयुष्मान योजना के तहत बंद कर दिया गया है।

तीन दिन से ओपीडी बंद, हो रही परेशानी
10 सूत्रीय मांगों को लेकर डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार किया हुआ है। इसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। डबल शिफ्ट का विरोध हो रहा है। 16 तक हड़ताल जारी रहेगी। मांग पूरी नहीं होने पर आपातकालीन चिकित्सा का भी बहिष्कार करने की चेतावनी डॉक्टरों ने दी है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की नियुक्ति की भी मांग की है।

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Bhupesh Tripathi
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