20 सालों से जब सरकार का इंतजार करते थक गए ग्रामीण तो खुद ही बना लिया 40 फीट का पुल

20 सालों से जब सरकार का इंतजार करते थक गए ग्रामीण तो खुद ही बना लिया 40 फीट का पुल

Akanksha Agrawal | Updated: 16 Aug 2019, 03:23:23 PM (IST) Mahasamund, Mahasamund, Chhattisgarh, India

करीब 20 वर्षों से उपेक्षा की पीड़ा से आहत होकर लोगों ने श्रमदान कर और खुद के खर्चे से 40 फीट का पुल निर्माण कर लिया है।

महासमुंद. करीब 20 वर्षों से उपेक्षा की पीड़ा से आहत होकर ग्राम पंचायत एमकेबाहरा के आश्रित गांव पडक़ीपाली के लोगों ने बरसाती सीजन में आवागमन को रोकने वाले दुहानी नाला पर श्रमदान कर और खुद के खर्चे से 40 फीट का पुल निर्माण कर लिया है। अब बरसात में साइकिल व मोटरसाइकिल सवार आसानी से पुल पार कर सकते हैं।

पडक़ीपाली गांव चारों तरफ से पहाडिय़ों से घिरा है और आदिवासी बाहुल्य है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से यहां के लोग दुहानी नाला पर पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन भी दिया, पर पुल निर्माण का सपना साकार नहीं हो सका। जानकारी के मुताबिक बारिश के चार महीने नाला में उफान होने पर बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। ऐसे में नाला पार करना जान जोखिम में डालने से कम नहीं था। ज्ञात हो कि पडक़ीपाली गांव जिला मुख्यालय से 18 किमी और नेशनल हाइवे-353 से दो किमी दूर है और आबादी सिर्फ 700 है।

90 फीसदी लोग आदिवासी हैं। हद तो यह है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन की अनदेखी की वजह से गांव के लोग दुहानी नाला पर लकड़ी का अस्थाई पुल बनाकर आवाजाही कर रहे थे। जब ग्रामीणों की मांग को जनप्रतिनिधि और प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया, तब ग्रामीणों ने ठानी कि अब वे खुद ही इस समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे। फिर ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान कर सीमेंट का पुल बनाने का निर्णय लिया। कड़े परिश्रम के बाद ग्रामीणों ने दुहानी नाला पर सीमेंट का पुल निर्माण कर लिया। पुल की लंबाई करीब 40 फीट, ऊंचाई 7 फीट और चौड़ाई करीब 3 फीट है।

पुल निर्माण में करीब 80 हजार रुपए खर्च
इस 40 फीट का पुल निर्माण के बाद
अब पडक़ीपाली गांव के लोग आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक सरपंच, सचिव और पडक़ीपाली के लोगों ने श्रमदान कर पुल निर्माण में करीब 80 हजार रुपए खर्च किया है। पडक़ीपाली के ग्रामीण धनीराम धु्रव, कुंदन धु्रव, थानसिंग यादव, मेघनाथ धु्रव, मुकुंद निषाद, चोवाराम धु्रव, दीनदयाल धु्रव, जनक धु्रव, प्रेम धु्रव, टिकम धु्रव, लुकेश धु्रव, गुलालीराम धु्रव, खिलावन धु्रव, संतोष धु्रव, खोलबाहरा धु्रव, केशव राम निषाद, आनंद धु्रव, शंकर धु्रव, भूषण धु्रव समेत ग्रामीणों ने शीघ्र ही अच्छी सडक़ और पुल निर्माण की मांग शासन-प्रशासन से की है।

क्या कहते हैं लोग
कमरौद के मोहन कुलदीप ने बताया कि जिले के प्रभारी मंत्री और खल्लारी विधायक को ज्ञापन सौंपकर सडक़ और पुल निर्माण को लेकर मांग की है। विधायक ने सडक़ व पुल को लेकर सम्बन्धित विभागों को सर्वे करने निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण भागवत ध्रुव ने बताया कि शासन-प्रशासन पडक़ीपाली के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। राज्य निर्माण के बाद से गांव के लोगों को सडक़ व पुल नसीब नहीं है। अब कांग्रेस की नई सरकार से उम्मीदें हैं।

विधायक द्वारिकाधीश यादव ने बताया कि एक छोटे से गांव में अब तक पुल नहीं बनना आश्चर्य की बात है, लेकिन अब पडक़ीपाली के लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गांव के दुहानीनाला में अगले वर्ष बरसात के पहले एक अच्छी सडक़ के साथ पुल का निर्माण होगा। वहीं इस मार्ग को हाड़ाबंद तक नेशनल हाईवे-353 में जोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही गांव में सामुदायिक भवन के लिए सात लाख की राशि स्वीकृति दिलाई है।

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