महानदी के टापू में जंगली हाथियों ने डाला डेरा, गांवों में दो दिन से मची है खलबली

महानदी के टापू में जंगली हाथियों ने डाला डेरा, गांवों में दो दिन से मची है खलबली

Bhawna Chaudhary | Publish: Jun, 07 2019 03:56:43 PM (IST) Mahasamund, Mahasamund, Chhattisgarh, India

भोजन व पानी की तलाश में कुकराडीह बंजर से निकले गजराज (wild elephant) महानदी के टापू में अटक गए हैं।

महासमुंद. भोजन व पानी की तलाश में कुकराडीह बंजर से निकले गजराज (wild elephant) महानदी के टापू में अटक गए हैं। इससे महानदी के इस पार भी टेंशन है और उस पार भी। हाथियों की वापसी को लेकर आसपास के गांव वालों के होश उड़े हुए हैं। इधर, वन विभाग भी लोगों को सचेत कर रहा है।

आरंग के गुदगुदा में दंतैल ( wild elephant)ने बीती रात एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। इससे गांव के लोगों में दहशत भी है। इधर, हाथियों को संरक्षित क्षेत्र में भेजने की कोशिश भी नाकाम साबित हो रही है। वर्तमान में करीब 16 हाथियों का दल आरंग से लगे महानदी में बने टापू में विचरण कर रहा है। ग्रामीण दहशत में हैं कि ये जंगली हाथी रात में फिर गांव में न घुस जाएं। बताया जा रहा है कि जंगली हाथियों में दो टस्कर हैं, जो क्षेत्र में रेकी करते हैं। सोमवार को कुकराडीह से दोनों टस्कर भोजन की तलाश में आरंग क्षेत्र की ओर निकल गए थे। रात में दोनों टस्कर आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम गुदगुदा पहुंचे। बुधवार रात ग्राम गुदगुदा में एक वृद्ध प्लांट की झोपड़ी में सोया था।

रात में अचानक हाथियों का दल वहां पहुंचा और बुजुर्ग पर हमला कर दिया। इससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। ज्ञात हो कि पिछले पांच दिनों से महासमुंद और आरंग क्षेत्र के जंगलों में हाथियों का डेरा है। इधर, सिरपुर क्षेत्र के गांवों के लोग हाथियों के महानदी की तरफ बढऩे से राहत की सांस ले रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रबी फसल की कटाई पूरी हो चुकी है। हाथियों को खाने के लिए धान नहीं मिल रहा है, इसलिए भटक रहे हैं। अब दहशत दोनों तरफ है। महासमुंद जिले के गांवों के लोग डरे हुए हैं।

 

हाथी बने मुसीबत
पिछले तीन वर्षों से हाथियों (Wild elephant) की दहशत कायम है। धान की फसल बर्बाद कर रहे हैं, जनहानि भी हो रही है। हाथियों को रोकने के लिए वन विभाग की तमाम कोशिशें नाकाम हुई हैं। वाटरहोल में पानी भी भरा गया। बैरिकेडिंग भी की गई, फिर भी हाथियों को आबादी की तरफ आने से रोकने में सफलता नहीं मिल रही है। सिरपुर क्षेत्र के ५२ से अधिक गांव हाथी की समस्या से परेशानी में हैं। हाथियों से रोज सामना हो रहा है। अब फसल कटने के बाद राहत जरूर है, लेकिन भटकते हुए हाथियों के कारण कुछ भी हो सकता है।

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