अपने खर्च पर शिक्षिका बच्चों को दे रही शिक्षा, सबमे जगा रही पढ़ने की अलख

शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार तमाम तरह के प्रयास कर रही है और प्राथमिक विद्यालयों में तमाम प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है|

By: Abhishek Gupta

Published: 05 Sep 2019, 09:29 PM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

महोबा. शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार तमाम तरह के प्रयास कर रही है और प्राथमिक विद्यालयों में तमाम प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है| महोबा जिले में एक विद्यालय ऐसा भी है जहां बच्चों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए वहाँ की प्रधानाध्यपिका अपने खर्चे पर डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिये बच्चों को प्रोजेक्टर द्वारा पढ़ाई करा रही है। जिसे बच्चे बखूबी पढ़ते व समझते हैं। अपने हाथों से टीचिंग, लर्निंग मटीरियल बनाकर बच्चों की पढ़ाने में रुचि जगा रही हैं। माह के अंत में बच्चों का जन्मदिन मनाकर उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित कर रही है। इस तरह से पढ़ाने से इस वर्ष 50 प्रतिशत से अधिक बच्चों के नामांकन में बढ़ोतरी हुई है।

बच्चे नहीं आते थे स्कूल-

महोबा के कुलपहाड़ स्थित नवीन प्राथमिक विद्यालय कठवरिया में नीलू गुप्ता ने 7 मई 2018 को प्रमोशन के बाद स्कूल में प्रधानाध्यपिका का पद संभाला था। उस समय विद्यालय की स्थिति बहुत दयनीय थी। मात्र 38 बच्चों का स्कूल में दाखिला था, जिनमें ज्यादातर बच्चे विद्यालय ही नहीं आते थे। स्कूल का माहौल बहुत खराब था। कोई अपने बच्चों के विद्यालय में एडमिशन नहीं कराना चाहता है। फिर वहां की प्रधानाध्यपिका ने मन में ठान लिया कि वह स्कूल को एक नई दिशा देते हुए बच्चों में सुधार और अभिभावकों में बच्चों को पढ़ाने के प्रति रुचि जगाएगी। इसके बाद से उन्होंने अपनी सहायक अध्यापिकाओं के सहयोग से क्षेत्र के बच्चों और अभिभावकों से सम्पर्क करना शुरू किया। इतना ही नहीं, बच्चों में विद्यालय के प्रति रुचि जगाने के लिए एक प्रोजेक्टर खरीदा और बच्चों को वीडियो दिखा मनोरंजन के साथ बच्चों में पढ़ने में रुचि जगाई। उनकी मेहनत रंग लाई।

दाखिलों में हुई बढ़ोत्तरी-

आज उनके विद्यालय में 61 बच्चे नामांकित हैं, जो शिक्षणकार्य कर रहे हैं। उनके इस काम में अध्यापिका जेबा अंसारी, शिक्षामित्र आरती देवी और पवन पूरा सहयोग कर रहे हैं। प्रधानाध्यपिका ने बताया कि सरकार गरीब बच्चो की शिक्षा के लिए प्राथमिक स्कूलों में मुफ्त शिक्षा के साथ तमाम तरह की सुविधाएं प्रदान कर रही है बच्चों को ड्रेस जूते स्वेटर, किताबें, बस्ते आदि मुफ्त में बांटकर गरीब अभिभावकों के सर से शिक्षा का बोझ हल्का कर रही है ताकि बच्चों की शिक्षा में आसानी हो सके| हम सभी अध्यापक क्षेत्र के बच्चों और बच्चियों के घर जाकर अभिभावकों को समझाते हैं की शिक्षा ही एक ऐसा साधन हैं, जो आपके बच्चों के भविष्य को उज्जवल कर आपके जीवन में नई खुशिया ला सकता है|

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