सर्राफा कारोबारी पर हमले के पीछे कहीं कोई बड़ी डील तो नहीं!

सर्राफा कारोबारी पर हमले के पीछे कहीं कोई बड़ी डील तो नहीं!

Ashish Kumar Shukla | Publish: Sep, 21 2018 08:20:04 PM (IST) Mahrajganj, Uttar Pradesh, India

पुलिस का दावा एक दो दिन में सब कुछ हो जाएगा क्लीयर

महराजगंज. जिले के फरेंदा कसबे में सराफा कारोबारी संजय वर्मा की हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी तक पंहुचने का दावा किया है। साथ ही कसबे से एक उस व्यक्ति को उठाया भी है जिसे घटना के वक्त कारोबारी के गतिविधियों की रेकी करने का आरोपी बताया जा रहा है। एसपी आरपी सिंह का कहना है कि मोर्हरम बाद पुलिस घटना का खुलासा करेगी।

मालूम हो कि यूपी के महराजगंज जिले के फरेंदा कस्बे में 18 सिंतबर को देर रात पल्सर सवार तीन बदमाशों में सर्राफा कारोबारी संजय वर्मा को उस वक्त गोली मार कर हत्या का प्रयास किया था जब वह कस्बे के व्यस्ततम इलाके मिले गेट के पास पूजा ज्वेलर्स नामक अपना दुकान बंद कर मुनीम के साथ घर जाने के लिए बाइक पर बैठ रहा था। बताते हैं कि संजय वर्मा के बारे में सटीक मुखबिरी पर बदमाश उनके करीब आए और अपनी बाइक से उसकी बाइक को टक्कर मार कर उसे असंतुलित किया फिर करीब दो फिट की दूरी से उस पर ताबड़ तोड़ चार पांच फायर झोंक दिया।

हमलावरों की नियत संजय की हत्या करने की ही थी। लूट की होती तो संजय के मुनीम के हाथ में जेवरों और रूपयों से भरा बैग था जिसे हमलावरों ने छूआ तक नहीं। पुलिस के लिए घटना की जांच में यह बड़ा पेंच है। हमला के वक्त का सारा वाकया सीसीटीवी में कैद है। पुलिस ने सीसीटीवी का फुटेज हासिल कर लिया है। हमलावरों तक पहंुचने में पुलिस को इससे कामयाबी मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल संजय वर्मा की हत्या के प्रयास में सुपारी का मामला प्रकाश में आ रहा है। घटना को बाहरी और पेशेवर शूटरों द्वारा अंजाम किया गया था लेकिन इसमें स्थानीय सूत्र भी सक्रिय था। पुलिस के हत्थे जो व्यक्ति चढ़ा है वह स्थानीय सूत्र ही है। पुलिस को इसी सूत्र के निशानदेही पर पेशेवर शुटरों तक पंहुचना आसान होगा। इसके लिए एएसपी के नेतृत्व में एसपी आरपी सिंह ने एक टीम गठित की है जो घटना के दिन से ही अपना काम रही है।

अब सवाल उठता है कि सराफा कारोबारी संजय वर्मा की हत्या की कोशिश के पीछे आखिर क्या कारण हो सकता है? इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं जिसमें किसी बड़े लेन देने या डील की बात भी सामने आ रही है। संजय वर्मा का बड़ा भाई कृष्ण कुमार वर्मा चोरी के अष्टधातु की मूर्ति की खरीद मामले में जेल जा चुका है। चर्चा है कि इस घटना के पीछे कहीं ऐसे ही किसी अन्य मामले में घपला या बेइमानी की नियत तो नहीं है। फिलहाल पुलिस की जांच में यह बिंदु भी है जिसका खुलासा संजय वर्मा अथवा उसके भाई कृष्ण कुमार वर्मा से पूछताछ के बाद ही संभव है।

संजय वर्मा फिलहाल लखनऊ में इलाज करा रहा है। पूरे परिवार के लोग उसके साथ हैं। संजय के कुछ बता पाने की स्थित में पूलिस आगे की कार्रवाई करेगी। अभी फिलहाल उसका जोर असली शूटरों तक पंहुचना है। शूटरों की गिरफ्तारी से भी घटना के असली वजह का राज सामने आएगा। पुलिस की मानें तो एक दो दिन में सब कुछ क्लीयर हो जाएगा।

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