
नरेंन्द्र मोदी और मायावती
महराजगंज. 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से रणनीति तैयार होने लगी है। बिना चुनाव हुए ही हार-जीत के कयास लगाए जाने लगे हैं। यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन बीजेपी की 2014 वाली मोदी लहर की हवा निकाल देगा... इस तरह की चर्चा आम है। कई ऐसी सीटें हैं जहां सपा-बसपा का गठबंधन फिलहाल आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी से आगे निकलता दिख रहा है। ऐसी सीटों की तादाद ज्यादा बतायी जा रही है। इसके बाद तो दोनों पार्टियों के वो प्रत्याशी सक्रिय हो गए हैं, जो 2014 की मोदी लहर में भी अच्छा लड़े थे। कई नेता तो ऐसे हैं जिनके प्रत्याशी बनने पर गठबंधन की जीत का दावा किया जा रहा है, पर ये दावे सिर्फ दावे ही हैं।
सपा बसपा गठबंधन की खबर के बीच तमाम सीटों पर समीकरण तेजी से बन बिगड़ रहे है। कई ऐसे उम्मीदवार भी प्रकट हो गए हैं जो चुनाव लड़ने की उम्मीद छोड़ चुके थे। ऐसे ही एक उम्मीदवार की चर्चा इन दिनों तेजी से चल रही है। ये उम्मीदवार हैं काशीनाथ शुक्ला। काशी नाथ 2014मे महराजगंज संसदीय सीट से वतौर बसपा उम्मीदवार चुनाव लड़ चुके हैं और दूसरे नंबर पर थे।अब ये साहब फिर टिकट की दौड़ में हैं।
काशीनाथ शुक्ला पूर्व में निबंधन विभाग में अधिकारी रहे हैं और बाद में देश के नामी गिरामी बिल्डर बने। मूलत: गोरखपुर के रहने वाले शुक्ल अचानक 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार के रूप में महराजगंज संसदीय सीट से धमककर सबको चौंका दिया। महराजगंज का यह चुनाव बेहद रोचक था। जिले के लोगों ने संभवत: पहली बार इतना मंहगा चुनाव देखा था। भाजपा से कड़े मुकाबले में काशी नाथ शुक्ल सम्मानजनक वोट हासिल कर दूसरे नंबर पर रहे। चुनाव परिणाम के बाद काशीनाथ बीच में एक दिन भी महराजगंज नही आए। लोगों ने यह मान लिया था कि वे अब शायद ही चुनाव लड़ें। उनके चुनाव न लड़ने की संभावना देख कई लोग टिकट की लाइन में लग गए।
इधर सपा बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की पेंग बढ़ने की खबर के बीच यह तय नहीं है कि सीट किसके खाते में आएगा लेकिन दावा सभी जता रहे हैं। बसपा सपा और कांग्रेस सभी के दावे हैं कि इस सीट पर उसका दावा बनता है। इसी उम्मीद पर गैरभाजपा तीनो परमुख दलो के संभावित उम्मीदवार टिकट की उम्मीद में अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं। बसपा से विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय के नाम की चर्चा चल रही हैऔर वे प्रचार में भी सक्रीय हैं। इस बीच पूर्व प्रत्याशी रहे काशीनाथ शुक्ला का नाम भी सामने आ रहा है।
काशीनाथ शुक्ला के नाम की जानकारी फिलहाल बसरा महराजगंज युनिट को नही है लेकिन बसपा में टिकट का फैसला आमतौर पर लखनऊ या दिल्ली में होता है इसलिए जिला यूनिट की जानकारी का कोई मायने मतलब नही है। काशी नाथ शुक्ला के टिकट की चर्चा अभी लखनऊ और दिल्ली के गलियारों में ही है।जिसकी दबेजुबान चरचा जिले में भी शुरू हो गई है।बसपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस बात की तस्लीम करते हुए कहा कि यह बसपा है!जबतक नामांकन की तिथि न समाप्त हो जाए तबतक किसका टिकट पक्का है़ कहना मुश्किल है।
By Yashoda Srivastava
Updated on:
22 Jun 2018 04:44 pm
Published on:
21 Jun 2018 01:05 pm
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