90 वाला पेट्रोल 70 में मिल रहा, मची है लूट, जानिये पूरा मामला

  • भारत में हुआ महंगा तो नेपाल से होने लगी पेट्रोल-डीजल की तस्करी
  • सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंपों पर बिक्री घटी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

महाराजगंज. 90 रुपये का पेट्रोल अगर 70 रुपये में मिले तो लूट मचनी तय है। भारत में बिक रहे महंगे पेट्रोल के चलते इन दिनों नेपाल के सीमावर्ती पेट्रोल पंपों पर ऐसा ही है। भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी जमकर तस्करी हो रही है। सीमावर्ती लोग भारतीय पेट्रोल पंपों के बजाय नेपाल से पेट्रोल खरीद रहे हैं। नेपाल में तेल 20 रुपये सस्ता बिक रहा है। यही वजह है कि नेपाल से सटे भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी जमकर तस्करी हो रही है। इसके चलते बाॅर्डर इलाकों में पेट्रोल पंप मालिकों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। खुली सीमाओं के चलते इधर के लोगाेेें ने भी नेपाल के सीमावर्ती जिलों से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। नतीजतन भारत के सीमावर्ती क्षेत्र में पेट्रोल पंपों के ग्राहकों में 40 से 50 फीसदी तक की कमी देखी जा रही है।


भारत में फरवरी के महने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15वीं बार बढ़ोत्तरी हुई है। इससे यूपी में कई जगह पेट्रोल 90 रुपये के पार पहुंच गया।नेपाल के सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों में जहां पेट्रोल डीजल के दाम बेतहाशा बढ़े हैं वहीं इन इलाकों से कुछ ही किलोमीटर दूर पड़ोसी देश नेपाल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें यहां से काफी कम हैं। जहां भारतीय सीमा क्षेत्र में पेट्रोल 89 से 92 रुपये के बीच बिक रहा है तो वहीं नेपाल में इसकी कीमत भारतीय रुपयों में 70 से 71 रुपये पड़ रही है। इसी तरह डीजल यहां 81 से 82 रुपये प्रति लीटर है तो वहीं नेपाल में यह भारतीय मुद्रा में महज 59 से 60 रुपये प्रति लीटी पड़ रहा है।


नेपाल से मिलती है 1750 किलोमीटर की सीमा

भारत नेपाल के बीच कुल 1750 किलोमीटर लंबी सरहद है जो उत्तर प्रदेश, बिहार और सिक्किम आदि प्रदेशों से होकर गुजरती है। यूपी में महाराजगं,सिद्घार्थनगर, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर समेत कुल सात जिलों से नेपाल की सीमाएं मिलती हैं। भारत नेपाल में कुल 17 बाॅर्डर हैं जहां से छोटी-बड़ी गाड़ियों आवागमन होता है। महाराजंज में भारत नेपाल सीमा 65 किलो मीटर की है तो वहीं सिद्घार्थनगर में भी 68 किलोमीटर की खुली सीमा है। मजाराजगंज में सोनौली से बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं तो महेशपुर-ठूठीबारी, बरगदवा और भगवानपुर छोटे बाॅर्डर हैं। इसी तरह सिद्घार्थनगर में बढ़नी, खुनवां, अलीगढ़वा और ककरहवा बाॅर्डर है। इसके अलावा बाॅर्डर पर बड़ी तादाद में नाके हैं जहां से आवागमन बदस्तूर होता है।


पेट्रोल पंपों को 40 से 50 फीसदी का नुकसान

सिद्घार्थ नगर और महाराजगंज में यूं तो भारतीय सीमा में कई बाजार हैं जहां नेपाल से व्यापारी और खरीदार रोजाना बड़ी तादाद में आते हैं। पर तेल महंगा हो जाने पर यहीं से लोग उसपार जाकर तेल भरवाने लगते हैं। इसके अलावा यहां के जो भी ट्रक और गाड़ियां जा रही हैं वो कम तेल लेकर वहां जाती हैं और लौटते समय टंकी फुल करा लेते हैं। इसकी वजह से जहां नेपाल में भारतीय सीमा से सटे पेट्रोल पंपों की बिक्री में वृद्घि हुई है तो वहीं भारतीय पेट्रोल पंपों को 40 से 50 फीसदी का नुकसान। ये हालत तब है जब सिर्फ चुनिंदा गाड़ियों और मालवाहक ट्रकों को ही जाने की इजाजत है। सीमा पूरी तरह से खुलने के बाद यह नुकसान और बड़ा हो जाएगा। इसके अलवा खुली सीमाओं से तेल की जमकर तस्करी हो रही है। सख्ती के बावजूद भी यह बदस्तूर जारी है। अभी बीते दिनों ही नौतनवां एसडीएम ने छापेमारी कर 800 लीटर तस्करी का डीजल पेट्रोल बरामद किया है।


प्रशासन अलर्ट

डीजल पेट्रोल की तस्करी को रोकने के लिये सीमा सुरक्षा बल, पुलिस और कस्टम विभाग को पेट्रोल डीजल की तस्करी पर लगाम लगाने के लिये अलर्ट रहने को कहा गया है। महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने तस्करी पर लगाम लगाने की बात कही है। दोनों जिलों में सीमाओं पर तस्करों पर कड़ी नजर रखी जा रही है

रफतउद्दीन फरीद
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