पीएम व पूर्व पीएम सहित 4282 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला, आज से शुरू होगी मतगणना

Sunil Yadav

Publish: Dec, 08 2017 08:34:43 (IST)

Maharajganj, Uttar Pradesh, India
पीएम व पूर्व पीएम सहित 4282 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला, आज से शुरू होगी मतगणना

45 जिलों में 15 हज़ार 344 मतदान केंद्रों पर हुई वोटिंग

महराजगंज. नेपाल में विधान सभा और लोक सभा के दूसरे और अंतिम चरण का चुनाव गुरूवार को छिटपुट घटनाओं के बीच संपन्न हो गया। मतदान के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। कतार में लगे मतदाताओं को भी सघन तलाशी से गुजरना पड़ा। नेपाल निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 70 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया जो संतोषजनक है।


अंतिम चरण के मतदान में पीएम शेरबहादुर देउबा, पूर्व पीएम व एमाले नेता केपी शर्मा ओली सहित 4282 उम्मीदवारों के भाग्य मतपेटिका में कैद हो गए। मतदान के अंतिम क्षण तक सभी निर्वाचन क्षेत्रों में एमाले और नेपाली कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया। अब देखना होगा कि नेपाली कांग्रेस के हिंदू राष्ट्र के नारे की जीत होती है या वाम गठबंधन के चीन परस्त कम्युनिष्ट गणराज्य के नारे की, इसका फैसला शुक्रवार को मतों की गिनती के बाद होगा। लेकिन चर्चा इन्हीं दो की ही है।


तराई और पहाड़ी इलाकों के 45 जिलों में लोकसभा की 128 और विधान सभाओं की 156 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ। इस बीच सुरक्षा की दृष्ट से भारत नेपाल सीमा को सुरक्षा को 72 घंटे पहले सील कर दिया गया था।स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए नेपाली प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा है। 45 जिलों में 15 हज़ार 344 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई। संवेदनशील समझे जाने वाले मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई थी। चुनाव में अस्थायी पुलिस,नेपाल प्रहरी,नेपाल सशत्र प्रहरी के अलावा सेना के जवानों को भी लगाया गया था। इसके अलावा नेपाल की खुफिया एजेंसियों की भी चुनाव पर पैनी नज़र थी।

 

नेपाल के इस ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण समझे जाने वाले चुनाव पर यूरोपीय यूनियन इलक्शन ऑब्जरवेशन मिशन के अलावा कई अन्य देशों के आब्जर्वर भी नज़र रखे हुए हैं।इस चुनाव के बाद नेपाल एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हो जाएगा। देखा जाए तो नेपाल के लिए 2017 का यह साल ऐतिहासिक रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।नेपाल में शायद ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि एक वर्ष के भीतर इतने ज़्यादा चुनाव हुए हों। बता दें अभी इसी वर्ष जून में स्थानीय निकाय के चुनाव तीन चरणों मे सम्पन्न हुए थे। जिसमें गांव पालिका,नगर पालिका और महानगर पालिका के चुनाव शामिल थे।

 

नेपाल में नब्बे के दशक में आयी राजनैतिक अस्थिरता और बाद से माओवादियों के हिंसात्मक जनयुद्ध से उत्पन्न द्वंद के बाद राजनीति पूरी तरह से पटरी से उतर गयी थी। जिसकेबाद राजनैतिक उथल पुथल का माहौल पैदा हो गया था।नेपाल करीब दो दशक तक राजशीतिक संक्रमण काल से गुजरा। हालांकि नेपाल में माओवादी क्रांति को ही 234 साल पुरानी राजशाही को खत्म करने और नेपाल को धर्म निरपेक्ष देश स्थापित करने का श्रेय जाता है।।गत 27 नवंबर को लोकसभा और विधान सभा के पहले चरण में 32 ज़िलों के लोकसभा की 37 और विधान सभा की 74 सीटों का चुनाव हुआ था। चुनाव आयोग के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक आठ दिनों के भीतर लोक सभा /विधान सभा और समानुपातिक चुनाव के सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। कम जनसंख्या वाले जिलों का परिणाम चौबीस घंटे के भीतर आने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक दूसरे चरण की मतगणना मतदान के बाद रात्रि से ही शुरू हो जाएगी। जबकि पहले चरण में सम्पन्न हुए चुनाव की मतगणना दूसरे दिन शुक्रवार से शुरू होगी। नेपाल के आम चुनाव परिणाम पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।

 

Input- यशोदा श्रीवास्तव

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