यंग मिलेनियर्स की इन खूबियों को अपनाने से सफलता आपके भी कदम चूमेगी

मिलेनियर हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं।

By: जमील खान

Published: 24 Jul 2018, 03:03 PM IST

मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही दुनिया का तीसरा सबसे अमीर शख्स होने का तमगा हासिल किया है। उन्होंने अनुभवी वॉरेन बफेट को पीछे छोड़ा है। मार्क जुकरबर्ग अकेले ऐसे उदाहरण नहीं है, जिन्होंने काफी कम उम्र में इतनी सफलता हासिल की है। ल्युकस वाल्टन, डस्टिन मॉस्कोविट्ज, स्कॉट डंकैन, बॉबी मर्फी, इवान स्पीगल ऐसे ही कुछ नाम हैं। आप कह सकते हैं कि यह उनकी किस्मत है लेकिन किस्मत को पूरा श्रेय देना उचित नहीं है। दरअसल उनमें कुछ ऐसी खूबियां होती हैं, जो उन्हें औरों से अलग करती हैं।

बड़े सपने देखते हैं
मिलेनियर हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं। वे हमेशा इस बात में लगे रहते हैं कि कैसे चीजें अलग, अच्छी हो सकती हैं। वे इसी विजन के साथ आगे बढऩे हैं। वे अवसरों को अपनी मुट्ठी में कैद करते हैं। वे जानते हैं कि बड़ा सपना देखना ही सफलता की ओर बढ़ाया गया पहला कदम है।

हमेशा सीखते हैं
आपने देखा होगा कि बहुत से यंग मिलेनियर ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई तक पूरी नहीं की लेकिन आपने यह जरूर देखा होगा कि वह हमेशा कुछ न कुछ सीखने की इच्छा रखते हैं और उसमें नॉलेज को लेकर पैशन होता है। अधिकतर मिलेनियर रोजाना कम से कम 30 मिनट कुछ न कुछ पढ़ते हैं।

वो अपना रास्ता खुद बनाते हैं
कम उम्र में मिलेनियर का स्टेटस हासिल करने वाले यंगस्टर कभी आसान राह पर नहीं चलते। वे अपना रास्ता खुद बनाते हैं। वे अपने मुताबिक उसमें बदलाव करते हैं। वे यह सोचने की बजाय कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, अपने सपनों का पीछा करते हैं। वे लोगों के विजन के हिसाब से खुद को सीमाओं में कभी नहीं बांधते।

अनुभवी से लेते हैं सलाह
किसी ने कहा है कि हर बार आप अपने ही अनुभव से सीखेंगे तो जिंदगी छोटी पड़ जाएगी। इसलिए दूसरों के अनुभव से सीखिए। बस यंग मिलेनियर भी इसी बात पर अमल करते हैं। वे अपने ईगो को परे रखते हैं और बड़े लोगों से गाइडेंस लेते हैं क्योंकि उनके पास व्यक्तिगत अनुभव होते हैं, जो किसी किताब में नहीं मिलते। जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देख चुके ऐसे अनुभवी व्यक्ति उनकी जिंदगी में होने वाली गलतियों को देते हैं।

विफलता से नहीं घबराते
ऐसा नहीं है कि हर सफल व्यक्ति जन्म से ही अपनी किस्मत में सफलता लिखवा कर लाया है। उसे अनुभव जमा करना होता है और अपने सपने को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाने होते हैं। कोई भी शख्स, जो 30 साल की उम्र से पहले मिलेनियर बना हो, वह यह बात अच्छी तरह से जानता है कि विफलता, सफलता का ही एक हिस्सा है। सफलता का रास्ता ट्रायल और एरर के लंबे रास्ते से गुजरता है।

अच्छे आयडिया की तलाश में रहते हैं
आपने किसी मिलेनियर से बात करने पर पाया होगा कि वह हमेशा अच्छे आइडिया की तलाश में रहता है। वे हमेशा अलग-अलग साधनों से कमाई की तलाश में रहे हैं और जैसे ही उनके सामने कोई अच्छा आइडिया आता है, वे नपा-तुला रिस्क लेकर उससे और पैसा बनाने में जुट जाते हैं। वे अपने टैलेंट का इस्तेमाल उन अवसरों को क्रिएट करने में करते हैं, जिनसे अच्छी कमाई हो सके। उनका फोकस उन चीजों पर होता है, जिनसे लगातार पैसा आता रहे।

स्ट्रेंथ पर फोकस करते हैं
अगर आपको मिलेनियर बनना है तो 'जैक ऑफ ऑल' बनने की आदत छोड़ें। केवल एक चीज पर फोकस करने में मास्टरी करें। यदि आप कोई एक काम किसी से भी बेहतर कर सकते हैं तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। सभी यंग मिलेनियर जानते हैं कि उन्हें अपनी स्ट्रेंथ पर फोकस करना होता है, ताकि लॉन्ग टर्म सक्सेस हासिल कर सकें।

अंदर की आवाज सुनते हैं
ज्यादातर सफल युवा मिलेनियर अपने रेशनल दिमाग पर जितना भरोसा करते हैं, उतना ही भरोसा अपने अंतज्र्ञान पर भी करते हैं। आप इसे अंदर की आवाज का नाम दें या रचनात्मकता की तलाश, जब उन्हें यह आवाज आती है तो वे उसी पर चलते हैं। जिंदगी को बदलने वाली अंदर की आवाज ही होती है।

 

जमील खान
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